नीतीश को छोड़ने के बाद केसी त्यागी ने थामा RLD का दामन, कहा- MP-MLA बनने नहीं आया, जयंत को मजबूत करूंगा

नीतीश को छोड़ने के बाद केसी त्यागी ने थामा RLD का दामन, कहा- MP-MLA बनने नहीं आया, जयंत को मजबूत करूंगा

डेस्कः बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के सलाहकार रहे पूर्व सांसद केसी त्यागी ने रविवार को जयंत चौधरी की पार्टी राष्ट्रीय लोक दल ज्वाइन कर लिया। आरएलडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। हाल ही में केसी त्यागी ने जेडीयू से इस्तीफा दे दिया था और कहा कि पार्टी के अंदर संवाद की कमी है और विस्तार का अभाव है। केसी त्यागी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेहद करीबी रहे है और पार्टी के अंदर राष्ट्रीय महासचिव व राष्ट्रीय प्रवक्ता जैसी बड़ी जिम्मेदारी संभाल चुके है।

 

कोलकाता से पटना लौटने के दौरान तेजस्वी यादव का धनबाद में हुआ जोरदार स्वागत, कहा-RJD को झारखंड में करेंगे मजबूत
RLD ज्वाइन करने के बाद केसी त्यागी ने कहा कि मैं दोनों सदनों का सदस्य रह चुका हूं, अब मैं एमपी/एमएलए बनने नहीं आया हूं।मैं जयंत चौधरी को चरण सिंह जैसा बनते देखने आया हूं। मैं चाहता हूं कि ऐसा दिन भी आए जब जयंत चौधरी के हाथों देश मे पीएम का मनोनयन हो। जैसा चौधरी चरण सिंह के हाथों मोरारजी का हुआ था।केसी त्यागी ने आगे कहा कि मुसलमानों की पार्टी भी राष्ट्रीय लोकदल ही है। आज़ाद भारत मे यूपी में जितने मुस्लिम सांसद चरण सिंह ने बनाये, किसी और ने नहीं बनाए हैं। मेरे बचे हुए समय और अनुभव जयंत को मजबूत करने में लगाऊंगा। उन्होंने साफ किया कि वे किसी भी पद के लिए आरएलडी में शामिल नहीं हुए हैं।


म्यूल बैंक खाता खुलवाने का मामलाः राजस्थान, महाराष्ट्र, झारखंड, दिल्ली के लोगों से की गई तीन करोड़ की ठगी
जयंत चौधरी ने दिया था पार्टी में शामिल होने का न्योता
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर केसी त्यागी ने कहा कि मैं चाहता हूं कि 2027 आते -आते रालोद इतना आगे बढ़े की जयंत चौधरी तय करेंगे कि यूपी का मुख्यमंत्री कौन बनेगा। JDU से इस्तीफा देने के बाद RLD ने केसी त्यागी को पार्टी में शामिल होने का न्योता दिया था। इसी के बाद ऐसा माना जा रहा था कि त्यागी अब अपने राजनीतिक सफर को RLD के साथ आगे बढ़ा सकते हैं।
साल 1989 में पहली बार सांसद बने थे त्यागी
केसी त्यागी का पूरा नाम किशन चंद त्यागी है। वे मूलरूप से उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के रहने वाले हैं। उन्होंने 1970 के दशक में राजनीति में कदम रखा था। करीब 50 साल के राजनीतिक सफर में उन्होंने अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई। वे साल 1989 में हापुड़ लोकसभा सीट से कांग्रेस के बुध प्रिया मौर्य को 33,254 वोटों से हराकर पहली बार सांसद बने थे। उन्हें नीतीश कुमार का करीबी माना जाता था।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now