रांचीः आदिवासी नेत्री निशा भगत की मौत के मामले में उनके पिता हांदु भगत की शिकायत पर शुक्रवार को पिठोरिया थाना में प्राथमिकी जर्द कर ली गयी। इसमें पिठोरिया थाना प्रभारी सतीश कुमार पांडेय, अजय तिर्की, ज्योत्सना केरकेट्टा और जमीन दलालों को आरोपी बनाया गया है। इस मामले की जांच डीएसपी अमर कुमार पांडेय को सौंपी गई है।
मृतका के पिता आनटू भगत ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि उनकी बेटी को मानसिक, सामाजिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। उसे झूठे मुकदमों में फंसाने का दबाव बनाया गया।
सोशल मीडिया पर उसकी छवि खराब करने के लिए कथित तौर पर सुनियोजित तरीके से चरित्र हनन किया गया। पिता का आरोप है कि लगातार किए जा रहे दुष्प्रचार और प्रताड़ना से परेशान होकर उनकी बेटी ने आत्महत्या कर ली।आवेदन में पिठोरिया थाना प्रभारी सतीश पांडेय और अन्य पुलिस पदाधिकारियों के अलावा अजय तिर्की तथा ज्योत्सना केरकेट्टा का नाम भी लिया गया है।
पिता ने आरोप लगाया है कि बेटी को घर से निकलने और कहीं आने-जाने के दौरान भी मानसिक रूप से परेशान किया जाता था। उन्होंने चर्च से जुड़े कुछ लोगों और जमीन के कारोबार से जुड़े लोगों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।
पिता ने अपने आवेदन में इसे सामान्य आत्महत्या का मामला मानने के बजाय कथित आपराधिक साजिश का परिणाम बताया है। उनका कहना है कि बेटी ने मृत्यु से पहले सोशल मीडिया पर अपना बयान जारी किया था, जिसमें कई लोगों के नाम लिए गए हैं। इस मामले में पिठौरिया थानेदार को नामजद नहीं बनाया गया है। अब जांच के बाद ही पता चलेगा कि इस मामले में कौन कौन दोषी है।






