लोहरदगा : सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और छोटी-बड़ी समस्याओं के समाधान के लिए अब पेशरार के ग्रामीणों को जिला मुख्यालय की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। प्रशासन ने सुदूरवर्ती क्षेत्र के लोगों तक सरकारी सुविधाएं पहुंचाने की पहल तेज कर दी है। इसी उद्देश्य से गुरुवार को पेशरार प्रखंड मुख्यालय में उपायुक्त संदीप कुमार मीना ने जनता दरबार लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान केवल आवेदन लेने तक ही प्रक्रिया सीमित नहीं रही, बल्कि कई मामलों में तत्काल निर्णय लेकर लाभुकों को योजनाओं का लाभ भी दिया गया। जनता दरबार में पेंशन, आवास, कृषि, सिंचाई, वन अधिकार और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मामलों पर विशेष रूप से चर्चा हुई।

उपायुक्त संदीप कुमार मीना ने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य सरकारी योजनाओं और सुविधाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। जनता दरबार के माध्यम से प्रशासन सीधे ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को समझ रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी आवेदनों की गंभीरता से जांच कर नियमानुसार त्वरित निष्पादन करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी योग्य लाभुक को अनावश्यक रूप से सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रखा जाना चाहिए। मौके पर उप विकास आयुक्त राज महेश्वरम, आईटीडीए परियोजना निदेशक सुषमा नीलम सोरेंग, बीडीओ अजय कुमार, सीओ पंकज कुमार, जिला परिषद सदस्य रूबी कुमारी, प्रखंड प्रमुख सीता देवी, उप प्रमुख करुणा देवी सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

31 लोगों की पेंशन का रास्ता साफ, दिव्यांग बच्चों को भी राहत
जनता दरबार में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत बड़ी संख्या में जरूरतमंदों को राहत मिली। सर्वजन पेंशन योजना के 31 लाभुकों को स्वीकृति पत्र दिया गया। इसके अलावा पांच अन्य लाभुकों की पेंशन तत्काल स्वीकृत की गई। दो दिव्यांग बच्चों को दिव्यांग पेंशन योजना से जोड़ने की मंजूरी मिली। इससे लंबे समय से सरकारी सहायता की प्रतीक्षा कर रहे जरूरतमंद परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।

किसानों को बीज और केसीसी, बागवानी को भी प्रोत्साहन
खेती-किसानी से जुड़े मामलों में भी प्रशासन ने पहल की। रबी फसल की तैयारी के लिए तीन किसानों को चना बीज उपलब्ध कराया गया। कृषि विभाग की ओर से प्रदर्शन कार्यक्रम के तहत कुल 64 किलोग्राम चना बीज का वितरण किया गया। मिश्रित बागवानी योजना के तहत तीन किसानों को स्वीकृति पत्र सौंपे गए। वहीं, दो किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की मंजूरी दी गई। इसका उद्देश्य किसानों को खेती के लिए वित्तीय सहायता और कृषि गतिविधियों को बढ़ावा देना है।

वन पट्टा मिला, तीन परिवारों ने नए घर में किया प्रवेश
जनता दरबार में वन अधिकार से जुड़े मामलों का भी निष्पादन किया गया। एक ग्रामीण को व्यक्तिगत वन पट्टा और तीन लाभुकों को सामुदायिक वन पट्टा प्रदान किया गया। अबुआ आवास योजना के तहत तीन लाभुक परिवारों को उनके नवनिर्मित घरों में गृह प्रवेश कराया गया। वहीं, तीन छात्राओं को सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का स्वीकृति पत्र दिया गया।


सड़क, बिजली और सिंचाई की समस्याएं भी उठीं
जनता दरबार में ग्रामीणों ने केवल व्यक्तिगत लाभ की मांग नहीं की, बल्कि गांवों की बुनियादी समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। सड़क, पुल, बिजली, विद्युत सब स्टेशन, सिंचाई पंप, आपदा मुआवजा, अंबेडकर आवास, मनरेगा जॉब कार्ड, दिव्यांगता प्रमाण पत्र और पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र से संबंधित आवेदन उपायुक्त को सौंपे गए।







