जमशेदपुर: मानगो थाना क्षेत्र के शंकोसाई में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पुलिस व्यवस्था और फरियादियों की सुनवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उलीडीह ओपी क्षेत्र के शंकोसाई रोड नंबर-5 स्थित केदार बगान की रहने वाली पिंकी कुमारी ने मंगलवार को अपनी तीन बेटियों के साथ कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया। घटना में एक बच्ची की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी को इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
22 अक्टूबर से न्याय की गुहार, थाने से एसपी कार्यालय तक लगाती रही चक्कर
पिंकी कुमारी के मुताबिक, 22 अक्टूबर को अपनी देवरानी की शिकायत के बाद से वह लगातार पुलिस से मदद की गुहार लगा रही थी। 28 अक्टूबर को वह उलीडीह थाना भी पहुंची, लेकिन उसका आरोप है कि वहां उसकी शिकायत पर मदद नहीं मिली। इसके बाद वह अपनी बच्चियों के साथ सिटी एसपी कार्यालय पहुंची। वहां उससे लिखित शिकायत मांगी गई।
पिंकी का कहना है कि वह लिखना नहीं जानती थी, इसलिए अपनी शिकायत लिखकर नहीं दे सकी। आरोप है कि इस वजह से उसे सिटी एसपी से मिलने का मौका भी नहीं मिला। लगातार चक्कर लगाने और कथित तौर पर कहीं से मदद नहीं मिलने से वह बेहद परेशान हो गई थी।परिस्थितियों से तंग आकर उसने अपनी जिंदगी खत्म करने का फैसला लिया था।
पिंकी ने बताया कि उसकी तीन बेटियां हैं, पति धर्मपाल मेहता ओडिशा की झारसुगुड़ा की एक कंपनी में काम करते हैं। दो बेटियों के बाद तीसरी बेटी होने पर ससुराल वाले प्रताड़ित करने लगे। सास–ससुर के अलावा पति और देवर देवरानी अक्सर मारपीट करते हैं। 22 अक्तूबर को भी देवरानी गुड़िया ने उलीडीह थाने में शिकायत कर दी थी, जिसके बाद से वह और परेशान थी।
28 अक्तूबर को वह उलीडीह थाना भी पहुंची थी, पर पुलिस ने मदद नहीं की। इसके बाद वह बच्चियों के साथ सिटी एसपी कार्यालय भी पहुंची, पर वहां लिखित शिकायत मांगी गई। उसे लिखना नहीं आता, इसलिए वह लिखित शिकायत नहीं कर पाई और उसे सिटी एसपी से भी मिलने नहीं दिया गया।







