रांचीः आंध्रप्रदेश के बाद वापस छत्तीसगढ़ और ओडिशा पहुंचा चक्रवाती तूफान अर्नब फिलहाल कमजोर हो चला है। हालांकि इसके कारण 29 अक्टूबर को झारखंड के कई हिस्सों में दिन-रात रुक-रुक कर बारिश होती रही। जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो चला है। इधर लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश का प्रभाव ऐसा रहा कि ठंड ने दस्तक दे दी है। हल्की ठंडी हवा सिहरन पैदा करने लगी है। तूफान के असर से लगातार दो दिन हुई बारिश के चलते राजधानी रांची का का तापमान सात डिग्री से ज्यादा गिरा। 28 अक्टूबर को अधिकतम तापमान में 5.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हुई थी, जबकि न्यूनतम तापमान में 1.06 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गयी थी। इसके एक दिन बाद 29 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 2.4 डिग्री सेल्सियस गिरा और न्यूनतम 2.0 डिग्री सेल्सियस गिरा। पिछले 24 घंटे में राज्य के लगभग सभी जिलों के अधिकतम व न्यूनतम तापमान में गिरावट आ गयी है।
तूफान का सबसे अधिक असर रेल सेवाओं पर पड़ा। गुरुवार को टाटानगर से चलने वाली दो ट्रेनें रद्द करनी पड़ी। वहीं 30 अक्टूबर को भी टाटानगर से चलने वाली 11 ट्रेनें रद् रहेंगी। असमय बारिश से किसानों को भी बड़ा नुकसान हुआ है। धान की पक्की बालियां कटाई के लिए तैयार थीं, लेकिन हवा के झोंकों से सैकड़ों एकड़ में खड़ी फसल खेतों में गिर गई। मौसम विभाग ने शुक्रवार को पलामू, गढ़वा, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। रांची में भी बारिश हो सकती है। शुक्रवार सुबह राजधानी में धुंध के बीच हल्की बारिश हुई।


इधर मौसम विभाग ने शुक्रवार को एक और चक्रवात को लेकर चेतावनी जारी की है। बंगाल की खाड़ी से उत्पन्न इस चक्रवात को असर ओडिशा, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडू में 4 नंबर तक दिख सकता है।
आगे तीन दिन तक बारिश के आसार
30 अक्टूबरः राज्य में आंशिक बादल छाए रहेंगे। पलामू, गढ़वा, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज में कहीं-कहीं भारी बारिश और 30-40 किमी की रफ्तार से हवा चल सकती है।
31 अक्टूबर-1 नवंबरः आंशिक बादल छाए रहेंगे। रांची समेत कई जिलों में गरज के साथ हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दवाब का असर रहेगा। चार नंबर से मौसम के पूरी तरह साफ होने की संभावना है।







