डेस्कः उत्तरप्रदेश के प्रयागराज में एक घर से तीन नीले ड्रमों के अंदर नोटों की गड्यिां मिलने की घटना ने सबको हैरान कर दिया है। शुरूआती गिनती में 5 करोड़ से ज्यादा कैश बताया जा रहा है, गांव में चर्चा 60 करोड़ तक की है। पुलिस को चोरी के पैसे होने का शक है। फिलहाल पुलिस ने कुछ भी कहने से इनकार किया है। पुलिस ने 2 सगे भाइयों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की। अब आयकर विभाग की टीम इन नोटों की गिनती करेगी। मामला जिला मुख्यालय से 32 किमी दूर बरईपुर गांव का है। रकम बुधवार रात बरामद की गई।

प्रयागराज मे जमीन के नीचे से नोटों से भरा मिला नीला ड्रम
500 के नोटों से भरे 3 नीले ड्रम का वीडियो
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— Live Dainik (@Live_Dainik) October 29, 2026
मुखबिर की सूचना पर DCP गंगानगर सोनम कुमार और ADCP समेत टीम ने बुधवार शाम छापा मारा। पहले गांव की लाइट कटवाई, फिर 40 से ज्यादा पुलिसवालों ने पूरे घर को घेरा और खुदाई कराई। मकान राकेश यादव उर्फ महाकाल का है। पुलिस ने 4 लोगों को हिरासत में लिया है। घर सील कर दिया गया है और इनकम टैक्स विभाग नोट गिनने की मशीनों से गिनती कर रहा है। बताया जा रहा है आरोपी पुणे में काम करता था, 2020 लॉकडाउन में गांव आया, फिर अचानक जमीनें और ट्रैक्टर खरीदने लगा था। पड़ोसी से झगड़े के बाद पोल खुल गई।

पुलिस ने गांव की बिजली काटकर मारी रेड
नवाबगंज इलाके के बरईपुर गांव में राकेश यादव उर्फ महाकाल का पुश्तैनी मकान है। पुलिस को राकेश के घर में चोरी के रुपए जमीन में गाड़कर रखने का इनपुट मिला था। यह बात पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया तक पहुंची।
इसके बाद बुधवार शाम 6 बजे डीसीपी (गंगानगर) सोनम कुमार और एडीसीपी पुष्कर वर्मा समेत पुलिस टीम मौके पर पहुंची। इससे पहले पुलिस ने पूरे गांव की बिजली कटवा दी। फिर सर्च अभियान शुरू किया। इस दौरान सोरांव के एसीपी श्यामजीत प्रमिला सिंह भी मौजूद रहे।
साढ़े 4 घंटे तक चला सर्च अभियान
पुलिस के मुताबिक, घर की तलाशी के दौरान जमीन में दबाकर रखे गए 3 नीले ड्रम मिले। इसमें कपड़े से लपेटकर नोटों की गड्डियां रखी गई थीं। पुलिस ने कैश को कब्जे में लेकर घर सील कर दिया और घेराबंदी कर दी। करीब साढ़े 4 घंटे तक घर में सर्च अभियान चलाने के बाद पुलिस साढ़े 10 बजे लौट गई। पुलिस ने राकेश यादव के भाई बबलू को भी हिरासत में लिया है। पूरे परिवार को पुलिस टीमें अपने साथ ले गई हैं। घर के चारों तरफ 40 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात हैं। राकेश के घर के साथ उसके बगीचे और खाली जमीन को भी पुलिस ने रिबन से घेर दिया है।

गांववालों का दावा- कुछ साल में खरीदी गई 22 बीघा जमीन
गांववालों ने बताया कि राकेश यादव कई साल पहले पुणे में अपने बहनोई और साले के साथ रहकर एक सर्राफा व्यापारी के घर काम करता था। कोविड के समय वह अपने बरईपुर स्थित घर चला आया। इसके बाद उसने 22 बीघा जमीन खरीदी। इसकी कीमत 10 करोड़ रुपए से ज्यादा थी। फिर करीब 1 करोड़ रुपए लगाकर घर बनवाया। दो ट्रैक्टर के साथ DJ और पिकअप खरीदा। फिर यहीं पर सीमेंट-सरिया का कारोबार करने लगा।
5 से 6 दिन पहले राकेश का पड़ोस में रहने वाले कुछ लोगों से झगड़ा हो गया था। इसके बाद उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई। इस मामले में एक दरोगा जांच करने पहुंचे थे। उनसे राकेश यादव की बहस हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो घर के अंदर करोड़ों रुपए छिपाने की कहानी सामने आई।







