रामगढ़ः सीसीएल कुजू क्षेत्र की करमा परियोजना से सटे महुआटूंगरी में मंगलवार को अवैध कोयला खनन के दौरान चाल धंसने से तीन ग्रामीणों की दबकर मौत होने की चर्चा है। बताया जाता है कि ग्रामीण जलावन के लिए कोयला निकालने अवैध खदान में गए थे। इसी दौरान अचानक चाल धंग ई और तीन लोग मलबे में दब गए। हालांकि, हादसे में मौतों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
कुजू पुलिस का कहना है कि इस तरह का कोई मामला उसके संज्ञान में नहीं आया है। स्थानीय स्तर पर चल रही चर्चा के अनुसार, हादसे में महुआटूंगरी के साहिल, सोहेल और भुवनेश्वर मांझी की मौत हुई है। घटना मंगलवार सुबह करीब आठ बजे की बताई जा रही है। कथित मृतकों की उम्र और हादसे की परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यह भी चर्चा है कि हादसे के बाद मलबे से शव निकालकर पुलिस को सूचना दिए बिना दफना दिया गया। हालांकि, इस दावे की भी पुष्टि नहीं हो सकी है।

5 जुलाई 2025 को 4 ग्रामीणों की गई थी जान
करमा परियोजना की महुआटूंगरी स्थित परित्यक्त खुली खदान में 5 जुलाई 2025 को भी अवैध खनन के दौरान बड़ा हादसा हुआ था। उस समय खदान की दीवार का बड़ा हिस्सा धंस गया था। हादसे में चार ग्रामीणों की दबकर मौत हो गई थी, जबकि चार अन्य घायल हुए थे। मृतकों की पहचान महुआटूंगरी निवासी इम्तियाज अंसारी उर्फ लल्लू, रामेश्वर मांझी, वकील करमाली और सुगिया निवासी निर्मल मुंडा के रूप में हुई थी। हादसे के बाद ग्रामीणों ने शवों को करमा परियोजना कार्यालय के सामने रखकर मुआवजे और आश्रितों को नौकरी देने की मांग की थी।







