डेस्कः बिहार में निगरानी विभाग की टीम ने एक डीएसपी को घूस लेते रंगेहाथ धर लिया है। दरअसर मंगलवार को मधुबनी के ट्रैफिक डीएसपी सुजीत कुमार को 30 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया है। पटना से आई टीम ने शाम करीब चार बजे नगर भवन के सामने स्थित ट्रैफिक डीएसपी कार्यालय में कार्रवाई की। आरोप है कि ट्रिपर संचालक से शहर में गाड़ियां चलाने के एवज में रिश्वत मांगी गई थी। निगरानी विभाग की इस कार्रवाई से डीएसपी कार्यालय और आसपास के इलाके में हलचल मच गई।
निगरानी टीम का नेतृत्व कर रहे डीएसपी पवन कुमार ने बताया कि पंडौल थाना क्षेत्र के गंधवार गांव निवासी ट्रिपर संचालक रोहित मिश्रा ने शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप था कि शहर में ट्रिपर (डंपर) चलाने के एवज में ट्रैफिक डीएसपी सुजीत कुमार रिश्वत मांग रहे थे।

शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने उसका सत्यापन कराया, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद मंगलवार को योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की गई। ट्रैफिक डीएसपी ने जैसे ही रोहित मिश्रा से रिश्वत के 30 हजार रुपये स्वीकार किए, निगरानी टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। मधुबनी के एसएसपी योगेंद्र कुमार ने बताया कि पटना से आई निगरानी विभाग की टीम ने 30 हजार रुपए रिश्वत लेने के आरोप में ट्रैफिक डीएसपी सुजीत कुमार को गिरफ्तार किया है।
मधुबनी के ट्रॉफिस DSP 30 हजार घूस लेते पकड़े गए
रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े जाने के बाद डीएसपी सुजीत कुमार जमीन में लेटकर फूट-फूट कर रोने लगे
फिलहाल अस्पताल में भर्ती है
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— Live Dainik (@Live_Dainik) October 28, 2026
10 वर्ष पूर्व 27 को ही धराए थे डीएसपी व एसडीओ
ट्रैफिक डीएसपी सुजीत कुमार के मंगलवार शाम गिरफ्तार होते ही यह चर्चा तेज हो गई कि बस साल बदला दिन वही, तारिख वही, कार्रवाई भी एक जैसी। बता दें कि 27 अक्टूबर 2016 को निगरानी विभाग की टीम ने जयनगर अनुमंडल कार्यालय में कार्रवाई कर तत्कालीन एसडीएम गुलाम मुस्तफा अंसारी और तत्कालीन डीएसपी चंदन पुरी को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। डीएसपी चंदन पुरी पर 50 हजार और एसडीएम गुलाम मुस्तफा अंसारी पर एक लाख रुपये रिश्वत लेने का आरोप था। 10 वर्ष बाद 27 को सुजीत को रंगे हाथ पकड़ा गया।
सत्यापन के बाद गिरफ्तारी
पंडौल क्षेत्र के गंधवार गांव निवासी रोहित मिश्रा ने कुछ दिन पूर्व ट्रिपर चलाने के नाम पर ट्रैफिक डीएसपी सुजीत द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायत की थी। सत्यापन के बाद मंगलवार शाम रंगे हाथ पकड़ा गया।
बेहोशी हालत में सदर अस्पताल में भर्ती कराए गए डीएसपी
मंगलवार शाम गिरफ्तारी के बाद कार्यालय से बाहर निकले डीएसपी सुजीत कुमार जमीन पर फफक-फफक कर रोने लगे। उन्हे बेहोशी की हालत में सदर अस्पताल लाया गया। इमरजेंसी में निगरानी विभाग के डीएसपी एवं अन्य पुलिस कर्मी मौजूद थे। लाइन डीएसपी जितेन्द्र प्रसाद एवं सदर एसडीपीओ अमित कुमार सदर अस्पताल पहुंचकर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. कुणाल ने कहा कि उच्च रक्तचाप के कारण डीएसपी सुजीत की हालत बिगड़ गई। उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया है। इलाज जारी है।







