डेस्कः बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान ‘ऑर्नब’ अब अति प्रचंड चक्रवाती तूफान में बदल चुका है।भारतीय मौसम विभाग (IMD) के 27 अक्टूबर की सुबह 2:30 बजे के बुलेटिन के मुताबिक, तूफान पिछले छह घंटों के दौरान 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा है। यह विशाखापत्तनम से महज 300 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित है। तूफान के 28 अक्टूबर की सुबह यानम के पास आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों की रफ्तार 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ‘ऑर्नब’ का अर्थ बांग्ला में समुद्र होता है। इस चक्रवात का नाम बांग्लादेश ने दिया है।
आईएमडी की ओर से 27 अक्टूबर 2026 को सुबह 2:30 बजे जारी स्थिति के मुताबिक, अति प्रचंड चक्रवाती तूफान ‘ऑर्नब’ पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में 15.9 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 85.4 डिग्री पूर्वी देशांतर के पास केंद्रित था। भारत में अक्टूबर में बेहद ताकतवर तूफानों के आने का इतिहास रहा है, लेकिन अर्नब 1999 के सुपर साइक्लोन, 2013 के फाइलिन या 2014 के हुदहुद तूफान के स्तर का नहीं होगा। अर्नब का सबसे ज्यादा प्रभाव आंध्र प्रदेश में देखने को मिलेगा।

चक्रवाती तूफान अर्नब का असर झारखंड में दिखेगा। मंगलवार दोपहर के बाद कई इलाकों में बादल छायेंगे। कहीं-कहीं वज्रपात और हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है। रांची नगर निगम ने अपनी सभी क्यूआरटी को अलर्ट कर दिया है। बिजली विभाग का कंट्रोल रूम मंगलवार 27 अक्टूबर से 24 घंटे सक्रिय रहेगा। वहीं रांची के उपायुक्त ने जिला शिक्षा विभाग के अधिकारियों को 28 और 29 अक्टूबर को स्कूल बंद रखने पर विचार करने को कहा है। चक्रवात को देखते हुए उपायुक्त मंजुनाथ भजंत्री ने संबंधित विभागों को 28 से 30 अक्टूबर तक विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया है।
मौसम विभाग के अनुसार चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव के कारण 28 अक्टूबर एवं 29 अक्टूबर 2026 राँची में ऑरेंज अलर्ट है। जिस कारण दिनांक 28 अक्टूबर से 30 अक्टूबर 2026 तक लगातार बारिश होने की संभावना है। इसके कारण राँची में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। जिसको लेकर जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है।
राँची के निचले इलाकों एवं सड़कों पर जलजमाव की संभावना है। कच्चे मकान, झुग्गी-झोपड़ियाँ तथा कमजोर मकानों को आंशिक या भारी नुकसान पहुँच सकता है। नदियाँ एवं बड़े नाले उफान पर आ सकते हैं। निचले क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका है। खेतों में पानी जमा होने से खड़ी फसलों को नुकसान पहुँचने की संभावना भी व्यक्त की गई है।
🌟 सभी संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे स्थिति पर निरंतर नजर बनाए रखें तथा आवश्यक तैयारी सुनिश्चित करें 🌟
उक्त संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे स्थिति पर निरंतर नजर बनाए रखें तथा आवश्यक तैयारी सुनिश्चित करें।
🌟जिला प्रशासन द्वारा जारी प्रमुख अनुदेश / निर्देश🌟
1. सभी संबंधित विभागों एवं अधिकारियों को निर्देश:
- आपदा प्रबंधन, राजस्व, नगर निगम, पुलिस, स्वास्थ्य, विद्युत, जल संसाधन एवं संबंधित विभागों के अधिकारी 28 से 30 अक्टूबर तक लगातार निगरानी रखें।निचले इलाकों, जलजमाव प्रवण क्षेत्रों, नदियों एवं बड़े नालों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
2. स्थानीय प्रशासन एवं नगर निकाय:
- सड़कों, नालियों एवं जल निकासी व्यवस्था को साफ रखा जाए।
- कच्चे मकानों, झुग्गी-झोपड़ियों एवं कमजोर संरचनाओं वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।3. कृषि एवं किसान संबंधी:
- खेतों में जलजमाव की स्थिति से फसलों की सुरक्षा के लिए किसानों को उचित सलाह दी जाए।4. आम नागरिकों से अपील:
- निचले इलाकों एवं जलजमाव वाले क्षेत्रों में रहने वाले नागरिक विशेष सावधानी बरतें।
- अनावश्यक बाहर न निकलें।
- कच्चे मकानों में रहने वाले परिवार आवश्यक सावधानी अपनाएँ तथा स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
- नदियों, नालों एवं जलभराव वाले क्षेत्रों के निकट न जाएँ।
- किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन, पुलिस या आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें।🌟सुरक्षा के लिए अनुदेश🌟
(1) वज्रपात से सावधान रहें: बारिश और आंधी के दौरान बिजली गिरने (वज्रपात) की भारी आशंका है। गरज-चमक शुरू होने पर तुरंत किसी पक्के मकान या सुरक्षित स्थान पर शरण लें।
(2) पेड़ों और खंभों से दूर रहें: तेज हवाओं के कारण पुराने पेड़, बिजली के खंभे और होर्डिंग्स गिर सकते हैं। अपनी गाड़ियों को इनके नीचे पार्क न करें।
(3) जलजमाव वाले रास्तों से बचें: रांची के निचले शहरी इलाकों में भारी बारिश से पानी भर सकता है। जलभराव वाली सड़कों पर वाहन चलाने से बचें।
(4) इलेक्ट्रॉनिक उपकरण सुरक्षित रखें: घरों में बिजली के उतार-चढ़ाव या शॉर्ट सर्किट से बचने के लिए आंधी-तूफान के समय मुख्य स्विच बंद कर दें और कीमती इलेक्ट्रॉनिक सामानों के प्लग निकाल दें।
जिला प्रशासन सभी नागरिकों से अनुरोध करता है कि वे मौसम विभाग एवं प्रशासन द्वारा जारी सलाह का पालन करें तथा सतर्क रहें। स्थिति पर निरंतर नजर रखी जा रही है तथा आवश्यकतानुसार आगे के निर्देश जारी किए जाएँगे।
@prdjharkhand
@JharkhandCMO
@HemantSorenJMM
@mbhajantri— DC Ranchi (@DC_Ranchi) October 26, 2026
27 अक्टूबर से आंधी और वज्रपात का खतरा
मौसम विभाग के अनुसार, 27 अक्टूबर को राज्य के पूर्वी, दक्षिणी और निकटवर्ती मध्य भागों में कहीं-कहीं गरज के साथ वज्रपात हो सकता है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। 28 अक्टूबर को भी इन इलाकों में मौसम का असर दिखेगा। गरज-चमक और तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है। मौसम में इस बदलाव के बीच लोगों को सतर्क रहने की जरूरत होगी। खासकर वज्रपात के दौरान खुले स्थानों पर रहने से बचना जरूरी है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान में अगले कुछ दिनों के दौरान बारिश की गतिविधियां बढ़ने के संकेत दिए गए हैं।
28-29 अक्टूबर को भारी बारिश की चेतावनी
28 अक्टूबर को राज्य के पूर्वी, दक्षिणी और निकटवर्ती मध्य हिस्सों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। 29 अक्टूबर को मौसम का असर और व्यापक हो सकता है।पूर्वी, दक्षिणी और निकटवर्ती मध्य भागों के अलावा उत्तर-पश्चिमी झारखंड के कुछ इलाकों में भी गरज-चमक और तेज हवाओं का अनुमान है। कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। दक्षिणी और निकटवर्ती मध्य हिस्सों में कहीं-कहीं भारी बारिश की आशंका भी जताई गई है।
30 अक्टूबर तक बारिश के आसार
30 अक्टूबर को राज्य के दक्षिणी, मध्य और उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। रांची और आसपास के इलाकों में 25 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 28 और न्यूनतम 15 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 26 अक्टूबर को तापमान 28 और 16 डिग्री के आसपास रह सकता है।
27 अक्टूबर से आसमान में बादल छाने और बारिश की संभावना बढ़ेगी। 28 अक्टूबर को रांची में अधिकतम तापमान 26 और न्यूनतम 20 डिग्री रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 29 और 30 अक्टूबर को भी बादल छाए रह सकते हैं और बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
किस जिले में किस दिन की चेतावनी
27 अक्टूबर (येलो अलर्ट): गोड्डा, साहिबगंज, दुमका, पाकुड़, देवघर, जामताड़ा, धनबाद, बोकारो, हजारीबाग, रांची, गुमला, खूंटी, सिमडेगा, पश्चिमी और पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां
28 अक्टूबर (ऑरेंज अलर्ट): गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, चतरा, हजारीबाग, बोकारो, रांची, रामगढ़, गुमला, कोडरमा, खूंटी, सिमडेगा, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी और पूर्वी सिंहभूम
28 अक्टूबर (येलो अलर्ट): गोड्डा, साहिबगंज, पाकुड़, दुमका, देवघर, जामताड़ा, धनबाद, गिरिडीह
29 अक्टूबर (येलो अलर्ट):गुमला, सिमडेगा, खूंटी, रांची, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां
30 अक्टूबर (येलो अलर्ट): कोडरमा, हजारीबाग, रांची, रामगढ़, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, लातेहार, पलामू, गढ़वा, चतरा







