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बोकारो में विस्थापितों ने किया BSL के सभी 12 गेट बंद, 15 हजार कर्मी फंसे, प्रशासन ने 200 मीटर के दायरे में लगाया निषेधाज्ञा

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Live Dainik

October 18, 2026

बोकारो में विस्थापितों ने किया BSL के सभी 12 गेट बंद, 15 हजार कर्मी फंसे, प्रशासन ने 200 मीटर के दायरे में लगाया निषेधाज्ञा

BOKARO: बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) में नियोजन की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे विस्थापितों ने शनिवार की अहले सुबह प्लांट के सभी गेट जाम कर दिये। इससे प्लांट के अंदर और बाहर आवागमन ठप हो गया। अंदर विभिन्न शिफ्टों में ड्यूटी कर रहे 15 हजार से अधिक अधिकारी-कर्मियों के फंसे होने की सूचना है। वहीं ए, बी और जनरल शिफ्ट में ड्यूटी के लिए पहुंचे कर्मचारी और ठेका मजदूर भी प्लांट में प्रवेश नहीं कर सके, प्लांट के सभी गेट पर प्रदर्शन के कारण स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

बोकारो विधायक श्वेता सिंह सहित विस्थापितों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शनिवार को आठवें दिन भी जरी रही। आंदोलनकारी विस्थापित अप्रेंटिस प्रशिक्षुओं की स्थायी बहाली और अन्य मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। उनका कहना है कि मांगे पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। दूसरी ओर, प्लांट में कामकाज और उत्पादन पर आंदोलन का व्यापक असर पड़ा है। आंदोलन का गतिरोध खत्म कराने के लिए शनिवार को राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश टू-टैंक गार्डेन स्थित आंदोलन स्थल पर पहुंचे। इसके बाद बोकारो परिसदन में प्रशासन और बीएसएल प्रबंधन के साथ वार्ता हुई, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी। विस्थापित समूहों ने नियोजन की मांग को लेकर 10 अक्ब्टूबर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। आंदोलकारी विस्थापित अप्रेंटिस प्रशिक्षुओं की सीधी और स्थायी बहाली पर अड़े हैं। वहीं बीएसएल प्रबंधन का कहना है कि नियुक्तियां केंद्र सरकार के नियमों और दिशा-निर्देशों के तहत होती हैं। स्थानीय स्तर पर सीधी भर्ती को कोई कानूनी प्रावधान नहीं है।

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30 करोड़ का नुकसान
बीएसएल प्रबंधन ने कहा कि आंदोलन के कारण उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया है। शनिवार को ब्लास्ट फर्नेस, सिंटर प्लांट और स्टील मेल्टिंग शॉप सहित प्रमुख उत्पादन इकाइयों और मिलों का परिचालन ठप रहा। इस व्यवधान के कारण प्लांट को करीब 30 करोड़ रुपए का नुकसान होने की संभावना है।

वहीं बोकारो इस्पात संयंत्र (बीएसएल) के द्वारों पर धरना-प्रदर्शन और आवागमन बाधित होने के बाद अनुमंडल प्रशासन ने सख्ती बरती है। अनुमंडल दंडाधिकारी चास प्रांजल ढांडा ने BNNS की धारा 163 के तहत 18 अक्टूबर की सुबह 5 बजे से अगले आदेश तक निषेधाज्ञा लागू कर दी है। इसके तहत पांच या अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस, रैली, सभा और धरना-प्रदर्शन पर प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन ने बीएसएल के द्वारों को जाम नहीं करने की अपील की है। हालांकि, टू टैंक के समीप शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से प्रदर्शन जारी रखने की अनुमति दी गई है।

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