बोकारोः विस्थापितों का आंदोलन आठवें दिन भी जारी है। शनिवार को विस्थापित अप्रेंटिस संघ ने बोकारो स्टील प्लांट के सभी गेट बंद करने का आह्वान किया है। कल ही आंदोलनकारियों ने मेन गेट छोड़कर सभी गेट बंद कर दिए थे। जिससे बीएसएल का कामकाज प्रभावित हुआ है। वहीं प्रशासन ने भी चेतावनी दी है कि किसी भी परिस्थिति में प्लांट के सभी गेट बंद नहीं होने दिए जाएंगे। वहीं शुक्रवार शाम को विस्थापित अप्रेंटिस संघ के आंदोलन को डुमरी विधायक जयराम महतो ने भी अपना समर्थन दे दिया है। उन्होंने विस्थापितों को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड के निर्माण के लिए यहां के लोगों ने जमीन और जान दोनों दी लेकिन क्या मिला, अब विस्थापितों के हक की लड़ाई के लिए आर-पार की लड़ाई होगी।
वहीं दूसरी ओर विस्थापित अप्रेंटिस संघ के आंदोलन को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। शुक्रवार की रात जिलाधिकारी के कार्यालय में उपायुक्त अजय नाथ झा की अध्यक्षता में हुई बैठक में एसपी नाथू सिंह मीणा, सीआईएसएफ के वरिष्ठ पदाधिकारियों तथा अन्य अधिकारियों ने आंदोलन की स्थिति पर गहन विचार-विमर्श किया। करीब चार घंटे तक चली हाई-प्रोफाइल बैठक रात 11 बजे समाप्त हुई। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि संयंत्र में पूरी तरह आवाजाही ठप करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

बैठक में बीएसएल प्रबंधन की ओर से प्रस्तावित विस्तारीकरण परियोजना पर आंदोलन के संभावित प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई गई। करीब 20 हजार करोड़ रुपये की ब्राउनफील्ड विस्तारीकरण परियोजना का काम शुरू हो चुका है। पिछले वर्ष 3 और 4 अप्रैल को उत्पन्न अशांति के कारण इस महत्वाकांक्षी परियोजना को स्थगित करना पड़ा था। विभिन्न प्रयासों के बाद औद्योगिक गतिविधियों को सामान्य करने और परियोजना को दोबारा गति देने की पहल की गई थी। लेकिन मौजूदा आंदोलन ने एक बार फिर परियोजना के भविष्य को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बैठक के बाद एक अधिकारी ने बताया कि बैठक में यह तय किया गया है कि प्रदर्शनकारियों को किसी भी हालत में सभी गेट बंद करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्लांट के तकनीकी कामकाज के लिए जरूरी चीजों की आवाजाही जारी रहेगी, ताकि इसके संचालन में कोई गंभीर समस्या न आए। पिछले साल 3 और 4 अप्रैल जैसी स्थिति को किसी भी हाल में दोबारा नहीं बनने दिया जाएगा। इधर, आंदोलन को समर्थन देने विधायक जयराम महतो भी धरना स्थल पर पहुंचे।





