रांचीः खेलगांव थाना क्षेत्र स्थित रांची ट्रिपल आईटी में छात्र आदित्य की मौत के बाद विद्यार्थियों का आंदोलन मंगलवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। निदेशक राजीव श्रीवास्तव के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्र-छात्राएं हॉस्टल के बाहर तिरपाल लगाकर धरने पर बैठे हैं। सोमवार की रात भी विद्यार्थियों ने धरनास्थल पर गुजारी। पिछले तीन दिनों से संस्थान के छात्र-छात्राएं प्रबंधन के विरोध में मोर्चा खोले हुए हैं और खेलगांव हाउसिंग सोसाइटी स्थित हॉस्टल के नीचे जमकर नारेबाजी कर रहे हैं।वहीं छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो भी मंगलवार को छात्रों के आंदोलन को समर्थन देने कैंपस पहुंचे। उन्होंने छात्रों की मांग का समर्थन करते हुए निदेशक राजीव श्रीवास्तव का इस्तीफा मांगा और पुलिस-प्रशासन से इस मामले में छात्रों से शांतिपूर्वक संवाद करने की अपील की।

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प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा कि जब तक निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव को हटाया नहीं जाएगा तब तक हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि संस्थान में पिछले कई माह से लापरवाही बरती जा रही है, बार-बार शिकायत करने के बाद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। छोटी-छोटी चीजों के लिए हम छात्रों को जेबें ढीली करनी पड़ती है जबकि प्रतिवर्ष हमलोग चार लाख रुपये पढ़ाई के अलावा अन्य मदों में यहां फीस के तौर पर देते हैं। इसके बावजूद हमें लचर व्यवस्था का शिकार होना पड़ता है। बड़ी संख्या में छात्र हॉस्टल परिसर में ही धरना प्रदर्शन कर रहे हैं और बाकायदा बैनर पोस्टर लगाकर निदेशक को हटाने की मांग कर रहे हैं।
डायरेक्टर की मांग पर अड़े छात्र
सोमवार की शाम करीब सात बजे संस्थान के बोर्ड ऑफ गर्वनर्स के चेयरमैन लेफ्टिनेंट जनरल रिटायर्ड एके भट्ट, निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव समेत फैकल्टी और स्टाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मिलने पहुंचे। इस दौरान छात्रों ने उन्हें अपनी व्यथा सुनाई और निदेशक को हटाने की मांग पर अड़े रहे।

खेलगांव चौक जाम करने की चेतावनी
छात्रों ने चेतावनी दी है कि मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। उन्होंने खेलगांव चौक जाम करने की भी चेतावनी दी है। फिलहाल छात्र हॉस्टल के बाहर धरने पर डटे हैं और निदेशक के इस्तीफे की मांग पर अड़े हैं। आदित्य बिहार के पूर्णिया जिले का निवासी था। उसकी मौत के बाद संस्थान की आपातकालीन चिकित्सा सुविधा, छात्रावास प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रबंधन छात्रों की मांगों पर क्या कदम उठाता है।





