रांचीः चुटिया थाना क्षेत्र के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के प्रदेश कार्यालय में 16 जून की रात हुए पेट्रोल बम से हमला मामले में ईडी दिल्ली में दर्ज इंफोर्समेंट केस इंफार्मेशन रिपोर्ट (ईसीआईआर) केस के आधार पर ईडी ने बुधवार को चार राज्यों में एक साथ छापामारी शुरू की है। यह छापामारी झारखंड, बिहार, दिल्ली व कर्नाटक में हो रही है। ईडी ने उक्त ईसीआईआर इस मामले में एनआईए रांची में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर दर्ज की है। इस केस में एनआईए ने पटना में छापामारी के बाद भारी मात्रा में नकदी की बरामदगी की थी। इसके बाद ही यह मामला सामने आया कि पूरा खेल टेरर फंडिंग का है।
इसी मामले में ED की टीम गुरुवार को लोहरदगा पहुंची। जहां स्थानीय पुलिस की मदद से शहर के न्यू आजाद बस्ती में इस मामले में गिरफ्तार सैफ अंसारी और अमन अंसारी के घर में कई घंटे जांच की। इस दौरान किसी को भी उस तरफ जाने की अनुमति नहीं थी। घर में तलाशी के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। किसी को भी आने-जाने से रोका जा रहा था। ईडी की टीम पहले सुबह ही लोहरदगा पहुंच गई थी। जिसके बाद ईडी की टीम ने स्थानीय पुलिस से संपर्क किया और उसके बाद छापेमारी शुरू की। ईडी की टीम अभी भी लोहरदगा में छापेमारी कर रही है। जिसमें दोनों आरोपितों के घर में सदस्यों के मोबाइल फोन, कागजात की जांच के साथ-साथ अच्छी तरह से कमरों की तलाशी ली जा रही है।

इससे पहले आरएसएस ऑफिस पर पेट्रोल बम फेंके जाने के बाद रांची पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। इस दौरान सैफ अंसारी, अमन अंसारी और सायम सुजन को गिरफ्तार किया गया था। घटना की जांच बाद में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अपने हाथ में ले ली थी। जुलाई 2026 में एनआईए ने इस मामले में कई राज्यों में करीब 20 ठिकानों पर रेड भी किया था। एनआईए मामले में कथित नेटवर्क और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। इसी क्रम में एजेंसी ने सितंबर में पटना में भी कार्रवाई की थी।
पटना में मिला था करीब 20 लाख रुपये कैश
9 सितंबर को एनआईए ने पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित एक अपार्टमेंट के दो फ्लैटों में तलाशी ली थी। तलाशी के दौरान करीब 20 लाख रुपये नकद मिलने की जानकारी सामने आई थी। इसकी सूचना आयकर विभाग को भी दी गई थी। इनमें से एक फ्लैट का संबंध गोपालगंज निवासी संदीप गुप्ता से बताया गया था। एनआईए ने उसे दिल्ली से हिरासत में लेकर पटना लाया था।
अब ईडी इस मामले में पैसे के लेन-देन और उसके स्रोत की जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमले से जुड़े लोगों तक कोई रकम पहुंची थी या नहीं, रकम का स्रोत क्या था और उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया।




