धनबाद:कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के भाई बंटी खान को धनबाद पुलिस ने कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि बंटी खान जाली पासपोर्ट के सहारे विदेश भागने की तैयारी में था। इससे पहले वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया।धनबाद पुलिस ने सोमवार को वासेपुर में उसके भाई बंटी खान का परेड कराया। इसे प्रिंस खान के खौफ काफूर करने की कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। भारी सुरक्षा व्यवस्था को बाद धनबाद पुलिस बंटी खान को लेकर वासेपुर पहुंची। बंटी खान को पैदल ही वासेपुर में घुमाया गया। इस दाैरान वासेपुर के लोग देखते रह गए। पुलिस एक तरह से लोगों को संदेश दिया कि बदमाश प्रिंस खान और उसके परिवार को छोड़ा नहीं जाएगा। उसे दंड मिलेगा। उससे डरने की जरूरत नहीं है। पुलिस ने फिलहाल बंटी खान को जेल भेज दिया है और मंगलवार को उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।
पाकिस्तान में बैठ कर झारखंड के कई जिलों में कारोबारियों से रंगदारी वसूलने वाले प्रिंस खान
का नेटवर्क का संचालन बंटी के जिम्मे था। बंटी धनबाद में रह कर नेटवर्क को ऑपरेट करता था। गिरफ्तार बंटी खान पर धनबाद जिले के अलग अलग थानों में हत्या, रंगदारी, आर्म्स एक्ट, हत्या की साजिश रचने जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं। इसकी गिरफ्तारी से प्रिंस खान को बड़ा झटका लगा है। फिलहाल धनबाद पुलिस बंटी खान से बैंक मोड़ थाने में पूछताछ कर रही है। बंटी ने पुलिस की पूछताछ में कई अहम जानकारी भी पुलिस को दी है। फिलहाल पुलिस बंटी खान के बताए स्थानों पर छापेमारी की तैयारी में है। इस मामले में जानकारी देते हुए धनबाद एसएसपी में मीडिया से बात करते हुए बताया कि धनबाद पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि गैंगस्टर प्रिंस खान का भाई बंटी खान विदेश भागने के फिराक में जिसके बाद पुलिस ने एक टीम गठित कर जाल बिछाया और कोलकाता में दबिश देकर बंटी खान को गिरफ्तार कर लिया। वह फर्जी पासपोर्ट के जरिए भारत छोड़कर विदेश में फरार होने और अपने भाई प्रिंस खान तक पहुंचने की तैयारी में था। बंटी खान धनबाद के चर्चित महताब आलम उर्फ नन्हें हत्याकांड समेत एक दर्जन से अधिक आपराधिक मामलों में आरोपी है। करीब चार साल जेल में रहने के बाद वह इसी साल जनवरी में जमानत पर बाहर आया था। अलग-अलग मामलों में जमानत मिलने के बाद उसकी जेल से रिहाई हुई थी।
24 नवंबर 2021 को नया बाजार निवासी महताब आलम उर्फ नन्हें की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड की जिम्मेदारी फरार गैंगस्टर प्रिंस खान ने ली थी। इसके बाद पुलिस ने प्रिंस खान और उसके नेटवर्क पर शिकंजा कसना शुरू किया। मार्च 2022 में पुलिस ने बंटी खान को उसके दो साथियों के साथ उत्तर प्रदेश के एक रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया था। इसके बाद वह लंबे समय तक जेल में रहा। बाद में उसे धनबाद जेल से मधुपुर जेल स्थानांतरित किया गया, जहां से जमानत मिलने के बाद वह बाहर आया।जेल से बाहर आने के बाद पुलिस उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी। इसी दौरान उसके कोलकाता में होने और कथित तौर पर फर्जी पासपोर्ट के जरिए विदेश जाने की तैयारी की सूचना मिली।

अब पुलिस की पूछताछ का फोकस सिर्फ बंटी तक सीमित नहीं है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी हैं कि फर्जी पासपोर्ट किस नेटवर्क के जरिए तैयार कराया गया, विदेश जाने की योजना में कौन-कौन लोग शामिल थे और प्रिंस खान तक पहुंचने के लिए किन संपर्कों का इस्तेमाल किया जा रहा था।
हम आपको बताएं कि गैंगस्टर प्रिंस खान भी कुछ इस तरह इसी तरह फर्जी पासपोर्ट के जरिए धनबाद से निकाल कर पाकिस्तान तक पहुंच गया था। वहां से बैठकर उसने एक वीडियो जारी कर बैंक मोड़ के तत्कालीन थाना प्रभारी पर यह आरोप लगाया था कि उसने पासपोर्ट बनवाने के लिए तत्कालीन बैंक मोड़ थाना प्रभारी को 15 लाख रुपए दिए थे। हालांकि इसकी जांच नहीं की गई। इसके बाद अब प्रिंस खान के भाई बंटी खान का फर्जी पासपोर्ट मिलना पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। आखिर इन अपराधियों को पासपोर्ट कैसे और कौन बना रहा है।





