रांची: सीआईडी ने जेपीएससी की पूर्व सदस्य डॉ. अजिता भट्टाचार्य के पीए (निजी सहायक) ब्रज कुमार राम को गिरफ्तार कर सोमवार को न्यायिक हिरासत में रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में भेज दिया है।
पूर्व में गिरफ्तार आरोपितों के स्वीकारोक्ति बयान में ब्रज कुमार राम की भूमिका सामने आई थी। उसपर आरोप है कि वह जेपीएससी की परीक्षाओं को पास कराने के एवज में अभ्यर्थियों से वसूली करता था।
जेपीएससी मेधा घोटाला मामले की जांच कर रही सीआईडी ने परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी को गिरफ्तार किया था।
अभय कुमार ने किया खुलासा
अभय कुमार तिवारी ने ही सीआईडी को पूछताछ में बताया था कि जेपीएससी की परीक्षाओं को पास कराने वाले सिंडिकेट में कौन-कौन शामिल थे। उसने सिंडिकेट में शामिल सभी लोगों की जानकारी दी थी।उसने यह भी बताया था कि जेपीएससी के किस पदाधिकारी का एजेंट कौन है और इस पूरे प्रकरण में उसकी क्या भूमिका है।
इन्हीं एजेंट्स में ब्रज कुमार राम का नाम भी सामने आया था, जिसे अभय तिवारी ने जेपीएससी की पूर्व सदस्य डॉ. अजिता भट्टाचार्य का पीए बताया था और यह भी बताया था कि ब्रज कुमार राम डॉ. अजिता भट्टाचार्य के नाम पर अभ्यर्थियों से परीक्षा पास कराने का आश्वासन देकर वसूली करता था। सीआईडी पूरे मामले की जांच कर रही है।






