रांचीः जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षा गड़बड़ी मामले में सीआईडी ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में एक अन्य आरोपी मिथिलेश सिंह उर्फ आरके सिंह को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी परीक्षाओं का संचालन करने वाली कंपनी-आईसीएन इंडिया से जुड़ा है। आरोप है कि मिथिलेश सिंह झारखंड में जेएसएससी की सीजीएल परीक्षाओं के पेपर लीक मामले में शामिल रहा है। यह भी आरोप है कि मिथिलेश सिंह जेपीएससी के अभ्यर्थियों की कॉपी आयोग से निकलवा कर बाहर में लिखवाता था। इसके संबंध अभय तिवारी से थे।
झारखंड में अलग-अलग कंपनियों के गठजोड़ के कनेक्शन सामने आये हैं, जो यहां होनेवाली कमोबेश सभी परीक्षाओं को प्रभावित करते रहे हैं। आरोपी कंपनियां गड़बड़ी कर अभ्यर्थियों का चयन गलत तरीके से कराती रही हैं। इससे दो दिन पहले ही सीआईडी ने बिंसिस कंपनी के निदेशक अरुण कुमार को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह और अन्य कई कर्मियों की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है। एक और कंपनी वेबल का नाम भी आया है, पर इसके किसी कर्मी की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है। इन सभी कंपनियों की एक-दूसरे से सांठ-गांठ थी। गलत तरीके से भर्ती का सिंडिकेट चल रहा था, जिसका हिस्सा होने का आरोप टीडीपीएल के अभय तिवारी पर लगा है।
चार बार जेल जा चुका है मिथिलेश सिंह
बताया जाता है कि प्रश्नपत्र लीक कराने समेत अन्य गड़बड़ियों के आरोप में मिथिलेश सिंह चार बार जेल भी जा चुके है। आरा के रहने वाले मिथिलेश पर झारखंड के अलावा राजस्थान, बिहार, तेलंगाना और पंजाब में भी गड़बड़ी करने के आरोप हैं। आईसीएन इंडिया कंपनी में मिथिलेश सिंह का नाम नहीं है, लेकिन उसने बेटे के नाम पर कंपनी बनायी है। पूर्व में गिरफ्तार बिंसिस कंपनी के निदेशक अरुण सिंह से भी उसकी काफी करीबी है। सीआईडी ने अब इन दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। अरुण सिंह को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।








