रांचीः जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन कर रहे छात्रों से बात करने राज्य सरकार का प्रस्ताव लेकर एसडीओ और एडियम लाॅ एंड जयपाल सिंह स्टेडियम पहुंचे है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल वहां पहुंचा है और आंदोलन खत्म करने को लेकर बातचीत हो रही है। इसके तुरंत बाद मंत्रियों और ब्यूरोक्रेट्स को मिलाकर बनी कमेटी छात्रों से बात करेगी। सरकार आंदोलनरत छात्रों से बात कर समाधान का रास्ता निकालने की कोशिश में जुट गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा, “आज हमने राज्यपाल से मुलाकात की और वर्तमान परिस्थितियों पर हमने चर्चा की…उनका कहना है कि ये राष्ट्रीय समस्या दिख रही है…कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट और स्थिति की जानकारी पूरी तरह से लेने की आवश्यकता है। कई लोग जेल जा चुके हैं, कई लोगों के यहां जांच एजेंसी द्वारा छापा कर रही है। कुल मिलाकर पूरी मजबूती से एजेंसी अपने काम में लगी है। मुझे लगता है कि इस विषय पर हम पुख्ता समाधान के साथ निर्णय लेंगे…सरकार के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। मुझे लगता है सभी लोग अपनी बात रख सकते हैं। उनके विषय हमारे संज्ञान में हैं। सरकार उनकी बातों को गंभीरता से लेगी।”

इस मामले पर मुख्यमंत्री ने राज्यपाल संतोष गंगवार से भी बुधवार को मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने इस दौरान मीडिया से बात करते हुए कहा कि अन्य राज्यों में भी ऐसी समस्याएं आई है वहां की सरकार इसमें विफल रही है। हमारी सरकार इसको लेकर कार्रवाई कर रही है। सीआईडी ने इस मामले में कई गिरफ्तारियां की है और जांच जारी है। युवा साथियों की चिंताएँ हमारे लिए अत्यंत गंभीर विषय हैं। पेपर लीक का विषय केवल झारखंड का नहीं है, बल्कि देश के अनेक राज्यों के युवाओं के सामने यह एक बड़ी राष्ट्रीय समस्या बन चुका है।

हमारी सरकार इस मामले पर पूरी गंभीरता के साथ काम कर रही है। संबंधित एजेंसियाँ दिन-रात जांच कर रही हैं और दोषियों को जेल भी भेजा रहा है। लेकिन हमारा उद्देश्य केवल जांच करना नहीं, बल्कि मेरे युवा साथियों को concrete solution देना है।
झारखंड सरकार के दरवाजे हमेशा सभी के लिए खुले रहते हैं। जिन छात्रों या अभ्यर्थियों की कोई भी मांग या सुझाव है, वे अपनी बात राज्य सरकार के समक्ष रख सकते हैं। मेरे युवा साथियों की प्रत्येक बात को पूरी गंभीरता से सुना जाएगा।
माननीय विधानसभा में मीडिया बंधुओं से बातचीत…
मेरे युवा साथियों की चिंताएँ हमारे लिए अत्यंत गंभीर विषय हैं। पेपर लीक का विषय केवल झारखंड का नहीं है, बल्कि देश के अनेक राज्यों के युवाओं के सामने यह एक बड़ी राष्ट्रीय समस्या बन चुका है।
हमारी सरकार इस मामले पर पूरी गंभीरता के साथ… pic.twitter.com/AGRsy4sVJy
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) August 5, 2026






