दीपक प्रकाश मंत्री बने रहेंगे, उपेंद्र कुशवाहा के बेटे के लिए BJP के देवेश कुमार ने विधानपरिषद से दिया इस्तीफा

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July 31, 2026

दीपक प्रकाश मंत्री बने रहेंगे, उपेंद्र कुशवाहा के बेटे के लिए BJP के देवेश कुमार ने विधानपरिषद से दिया इस्तीफा

पटनाः बिहार सरकार में मंत्री दीपक प्रकाश अब सम्राट चैधरी कैबिनेट में मंत्री बने रहेंगे। सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद अब दीपक प्रकाश के विधानपरिषद जाने का रास्ता साफ हो गया है। शुक्रवार को बीजेपी के विधानपार्षद देवेश कुमार ने सदन की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। पत्रकार से नेता बने देवेश कुमार की जगह अब उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश विधानपरिषद के सदस्य बनेंगे।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद तेज हुई प्रक्रिया
गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने दीपक प्रकाश से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान सरकार से सवाल किया था कि जब वह विधानसभा या विधान परिषद के सदस्य नहीं हैं, तो मंत्री पद पर कैसे बने हुए हैं। इसके बाद इस मामले ने और तेजी पकड़ी। अब देवेश कुमार के इस्तीफे के बाद सरकार जल्द ही दीपक प्रकाश को विधान परिषद भेज सकती है।
कौन हैं देवेश कुमार?
देवेश कुमार का जन्म 30 अगस्त 1964 को समस्तीपुर जिले के पूसा प्रखंड के मोहम्मदपुर देवपाट गांव में हुआ था। वे स्वतंत्रता सेनानी और किसान नेता यमुना कारजी के पोते हैं।सामाजिक और राजनीतिक माहौल में पले-बढ़े देवेश कुमार ने शिक्षा के साथ-साथ सार्वजनिक जीवन में भी अपनी अलग पहचान बनाई।
पत्रकारिता से राजनीति तक का सफर
देवेश कुमार ने पटना के सेंट माइकल हाई स्कूल और रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने एमए और एमफिल की पढ़ाई पूरी की।राजनीति में आने से पहले वे लंबे समय तक पत्रकार रहे। पत्रकारिता के दौरान उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर गहराई से काम किया।यही अनुभव बाद में उनके राजनीतिक जीवन की मजबूत नींव बना।
भाजपा संगठन के भरोसेमंद नेता
भारतीय जनता पार्टी से जुड़ने के बाद देवेश कुमार ने संगठन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वे बिहार भाजपा के प्रदेश महासचिव भी रहे।संगठनात्मक क्षमता और अनुभव के कारण उन्हें पार्टी का भरोसेमंद नेता माना जाता है।
2021 में बने थे MLC
देवेश कुमार 17 मार्च 2021 को राज्यपाल के मनोनीत कोटे से बिहार विधान परिषद के सदस्य बने थे। सदन में उन्होंने पार्टी की ओर से सक्रिय भूमिका निभाई। हालांकि, अब मंत्री दीपक प्रकाश को विधान परिषद भेजने के लिए उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
अब आगे क्या होगा?
संविधान के अनुसार, मंत्री बनने के बाद छह महीने के भीतर किसी सदन का सदस्य बनना अनिवार्य होता है। देवेश कुमार के इस्तीफे के बाद सरकार अब इसी सीट से दीपक प्रकाश को विधान परिषद भेजने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी। माना जा रहा है कि जल्द ही इस पर औपचारिक कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी।

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