रांचीः झारखंड लोक सेवा आयोग के पूर्व चेयरमैन एल ख्यिांगते को सीआईडी ने पूछताछ के लिए मंगलवार को बुलाया तो राज्य के पूर्व मुख्य सचिव समय पर टैक्सी से सीआईडी के ऑफिस पहंचे। 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा समेत अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच के संबंध में उनसे पूछताछ की जा रही है। इनसे पहले आयोग की उप परीक्षा नियंत्रक और परीक्षा संचालन करने वाली एजेंसी के निदेशक समेत अन्य लोगों से सीआईडी ने विस्तृत पूछताछ की है। अब चेयरमैन के साथ बैठकर उनसे पूछताछ की जायेगी।
उप परीक्षा नियंत्रक ने जेपीएससी में किसी भी गड़बड़ी से इनकार किया है। उन्होंने बताया कि जेपीएससी में जो कुछ हो रहा था, उनकी पूरी जानकारी आयोग के अध्यक्ष को थी। ओएमआर शीट में गड़बड़ी की शिकायत भी उन तक पहुंची थी। इसके बाद सारे काम उनके निर्देश पर ही हुए हैं। उनके कहने पर ही परीक्षा के संबंध कोई बदलाव किये गये थे। निदेशक ने भी लगभग यहीं बातें कहीं है। इसके बाद पूर्व अध्यक्ष को सीआईडी ने बुलाया है। उल्लेखनीय है कि उप परीक्षा नियंत्रक, एजेंसी के निदेशक व अन्य तीन लोगों को सीआईडी ने सबसे पहले गिरफ्तार किया था। फिर इन्हें पांच दिनों की रिमांड पर लिया था। इससे पहले सीआईडी की टीम ने ख्यिांग्ते के कांके रोड़ स्थित सरकारी आवास और जेपीएससी कार्यालय स्थित कक्ष में छापेमारी की थी। करीब पांच घंटे तक चली इस कार्रवई के दौरान सीआईडी की टीम ने कई दस्तावेजों की जांच की और उनसे पूछताछ भी की। इसी दौरान जेपीएससी कार्यालय के साथ-साथ परीक्षा संचालन एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय में भी तलाशी अभियान चलाया गया था। जांच के दौरान सीआईडी ने जेपीएससी कार्यालय में भर्ती परीक्षाओं से जुड़े दस्तावेज, ओएमआर शीट और कंप्यूटरों से डिजिटल साक्ष्य जब्त किये हैं। टीडीपीएल कार्यालय से भी परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अहम रिकार्ड कब्जे में किये गये हैं। मामले में पहले गिरफ्तार किये गये टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी और उसके करीबी अरविंद मंडल को भी गोड्डा के पोडैयाहाट से गिरफ्तार किया जा चुका है। इनसे भी पूछताछ हुई है। अभी सारी गड़बड़ी की मुख्य सूत्रधार अभय तिवारी को माना जा रहा है।इन आरोपितों में जेपीएससी की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता के अलावा परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के निदेशक रामवीर सिंह, मार्केटिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारी व दोनों तकनीकी प्रोग्रामर उस्मान व एबाद शामिल हैं। ये पांच दिनों की रिमांड पर हैं।







