पटना में घूसखोर थानाध्यक्ष रंगे हाथों गिरफ्तार, JCB चलाने के एवज में करता था हफ्ता वसूली

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July 20, 2026

पटना में घूसखोर थानाध्यक्ष रंगे हाथों गिरफ्तार, JCB चलाने के एवज में करता था हफ्ता वसूली

पटना: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में सोमवार को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की मुख्यालय टीम ने पटना जिले के साम्यागढ़ थाना परिसर में बड़ी कार्रवाई करते हुए थानाध्यक्ष सौरभ कुमार को 27 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। निगरानी की टीम उन्हें अपने साथ लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।
क्या है मामला?: निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार इस मामले में निगरानी थाना कांड संख्या-085/26 दिनांक 17 जुलाई 2026 को दर्ज किया गया था। प्रहलादपुर निवासी मनोज कुमार ने ब्यूरो के समक्ष लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि साम्यागढ़ थानाध्यक्ष क्षेत्र में जेसीबी मशीन चलाने के एवज में उनसे साप्ताहिक रिश्वत की मांग कर रहे थे।

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जांच में सही पाए गए आरोप: शिकायत मिलने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने पूरे मामले का सत्यापन कराया। जांच के दौरान शिकायतकर्ता के आरोप सही पाए गए और यह प्रमाणित हुआ कि आरोपी अधिकारी द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी। प्रथम दृष्टया आरोप सही मिलने के बाद निगरानी थाना में मामला दर्ज किया गया और कार्रवाई की तैयारी शुरू की गई।
27 हजार रुपये के साथ गिरफ्तार: इसके बाद वरीय पुलिस उपाधीक्षक अरुणोदय पाण्डेय के नेतृत्व में विशेष धावादल का गठन किया गया। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और सोमवार को साम्यागढ़ थाना परिसर में कार्रवाई करते हुए थानाध्यक्ष सौरभ कुमार को 27 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। निगरानी की टीम ने रिश्वत की राशि भी जब्त कर ली है।
इस साल 85वीं प्राथमिकी दर्ज: निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बताया कि वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के विरुद्ध यह 85वीं प्राथमिकी दर्ज की गई है। वहीं ट्रैप कार्रवाई से संबंधित यह 79वां मामला है। इस वर्ष अब तक ट्रैप मामलों में कुल 79 अभियुक्तों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है। इन मामलों में अब तक कुल 29 लाख 14 हजार 800 रुपये रिश्वत की राशि बरामद की गई है। ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में कुल 101 ट्रैप कांड दर्ज किए गए थे, जिनमें 37 लाख 80 हजार 300 रुपये रिश्वत की राशि बरामद हुई थी। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो का कहना है कि राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और रिश्वतखोरी में संलिप्त किसी भी सरकारी कर्मी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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