रांचीः झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर दिल्ली में दौरे पर है। बुधवार को उन्होंने कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और कांग्रेस नेता जयराम रमेश से मुलाकात की। लेकिन झारखंड सरकार की ओर से दिल्ली के ताज होटल में आयोजित नेशनल स्टेकहोल्डर कंसल्टेंशन कार्यक्रम में नहीं पहुंचे, जिसमें झारखंड के मुख्यमंत्री सहित चार-चार मंत्री मौजूद थे।
इस मामले को लेकर जब राधाकृष्ण किशोर से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि दिल्ली के कार्यक्रम की हमें कोई सूचना नहीं है। मैं दो दिनों से रांची में नहीं हूं, कार्यक्रम से संबंधित कोई पत्र हमें नहीं मिला है। हालांकि इस कार्यक्रम में कांग्रेस कोटे से मंत्री दीपिका पांडे सिंह, इरफान अंसारी मौजूद रहे। कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की इस कार्यक्रम में नहीं पहुंच पाई। झारखंड सरकार में शामिल आरजेडी कोटे के मंत्री संजय प्रसाद यादव और जेएमएम से मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू मौजूद थे।
राधाकृष्ण किशोर झारखंड की डीजीपी द्वारा एक अतिरिक्त वाहन नहीं दिये जाने से नाराज है और उन्होंने अपनी सुरक्षा भी वापस कर दी है। उनकी नाराजगी की खबरों के बीच वो छत्तीसगढ़ का दौरा कर दिल्ली पहुंचे और मल्लिकार्जुन खरगे और जयराम रमेश से मुलाकात की। खरगे से राधाकृष्ण किशोर ने सरकार और संगठन पर चर्चा की। राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि संगठन बेहतर तरीके से काम कर रहा है। सरकार के साथ समन्वय बनाकर काम हो रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ मिलकर विकास योजनाओं की गति देने का कार्य हो रहा है। पार्टियों के घोषणापत्र और नीतियों को सामूहिक रूप से लागू करने का प्रयास जारी है।
विभागीय सचिव का नहीं मिला जवाब
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने पिछले दिनों गाड़ी वापस करने को लेकर विभाग के संयुक्त सचिव पंकज सिंह के पत्र पर सवाल उठाया था। इस संबंध में विभागीय सचिव को पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा था, लेकिन उन्हें विभाग की ओर से इस संबंध में कोई पत्र नहीं मिला है।


