डेस्कः बिहार के मोतिहारी में प्रस्तावित वाटर पार्क परियोजना को लेकर चल रहा विवाद अब राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर तेज हो गया है। किसान आंदोलन के दौरान पिपराकोठी थाना में RJD के सांसद सुधाकर सिंह सहित कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मामला और अधिक गर्मा गया है।
विवादित भूमि का पूरा विवरण: पूरा विवाद पिपराकोठी स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के समीप सरकारी गैरमजरूआ जमीन पर प्रस्तावित वाटर पार्क परियोजना को लेकर है। प्रशासन का कहना है कि लगभग 14 एकड़ सरकारी भूमि में से करीब 3 एकड़ पर भारत सरकार की महत्वाकांक्षी वाटर पार्क परियोजना विकसित की जानी है, जो कि पूरी तरह से नियमानुसार है।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को खुला पत्र:
प्रिय Samrat Choudhary जी,
आशा है कि आप कुशल-मंगल होंगे। आपको जानकारी प्राप्त हुई होगी कि दिनांक 3 जुलाई 2026 को मुझे अपने किसान साथियों के साथ सत्याग्रह की जननी और बापू की कर्मभूमि चंपारण में जाने का सुअवसर प्राप्त हुआ था।… pic.twitter.com/7HPVMiC3Wi
— Sudhakar Singh (रोज़गार जहाँ, वोट वहाँ) (@_Sudhaker_singh) July 5, 2026
स्थानीय किसानों का अपना दावा: दूसरी ओर स्थानीय किसानों और ग्रामीणों का दावा है कि वे वर्षों से इस जमीन पर खेती करते आ रहे हैं। उनका कहना है कि बिना उचित प्रक्रिया अपनाए उन्हें जमीन से बेदखल नहीं किया जा सकता। किसानों की मांग है कि सरकार पहले उनकी स्थिति स्पष्ट करे, फिर निर्माण कार्य को आगे बढ़ाए।
आंदोलन में नया राजनीतिक मोड़: 3 जुलाई 2026 को आंदोलन ने नया राजनीतिक मोड़ ले लिया, जब राजद सांसद सुधाकर सिंह स्वयं धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने किसान सभा को संबोधित किया और किसानों के समर्थन में आंदोलन जारी रखने की बात कही। सभा के बाद सांसद किसानों के साथ विवादित स्थल तक पहुंचे और ट्रैक्टर पर बैठ गए।
ट्रैक्टर से जमीन की जुताई: सांसद विवादित स्थल पर ट्रैक्टर पर बैठकर जमीन की जुताई करते दिखाई दिए। इस घटना के बाद प्रशासन और पुलिस की ओर से कार्रवाई तेज कर दी गई। पिपराकोठी थाना में दर्ज प्राथमिकी में सांसद सुधाकर सिंह पर हत्या के प्रयास, पॉकेटमारी और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।
निर्माण एजेंसी ने दर्ज कराई FIR: सांसद और प्रदर्शनकारियों पर हत्या के प्रयास और पॉकेटमारी का यह केस निर्माण स्थल पर काम कराने वाली निजी एजेंसी (ठेकेदार) की शिकायत पर दर्ज हुआ है। एजेंसी के कर्मचारियों का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने काम रुकवाने के लिए मौके पर मौजूद स्टाफ और मजदूरों के साथ हिंसक मारपीट की थी।
हमले और लूट का आरोप: शिकायतकर्ता निर्माण एजेंसी के अनुसार, भीड़ ने कार्यस्थल पर मौजूद जेसीबी चालक और खलासी को बुरी तरह पीटकर घायल कर दिया। इसके अलावा कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सांसद के नेतृत्व में आए लोगों ने उनके मोबाइल फोन, औजार और जेब में रखे नकदी पैसे (पॉकेटमारी) भी जबरन छीन लिए।
समर्थकों ने बताया राजनीतिक द्वेष: सांसद समर्थकों और किसान संगठनों का कहना है कि यह मामला पूरी तरह राजनीतिक है. उनका आरोप है कि किसानों की आवाज उठाने के कारण सांसद को निशाना बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि यह दर्ज की गई FIR पूरी तरह से विपक्ष की मजबूत आवाज को दबाने का एक प्रयास है।
लोकसभा स्पीकर से कल मुलाकात: सूत्रों के अनुसार सांसद सुधाकर सिंह 7 जुलाई को नई दिल्ली में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वे अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी, किसान आंदोलन और जनप्रतिनिधियों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं। हालांकि लोकसभा सचिवालय की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
जिला प्रशासन अपने रुख पर अडिग: इधर जिला प्रशासन अपने रुख पर पूरी तरह कायम है। अधिकारियों का कहना है कि जिस जमीन पर वाटर पार्क बनाया जाना है वह पूरी तरह सरकारी भूमि है और परियोजना जनहित में है। प्रशासन का दावा है कि विकास कार्य को किसी भी कीमत पर बाधित नहीं होने दिया जाएगा।
Motihari, Bihar: RJD MP Sudhakar Singh says, "Due to an alleged arbitrary decision by ADM Mukesh Sinha, around 17.5 acres of land, valued at approximately ₹800 crore, was reportedly taken into police possession in Bihar. Construction was being carried out in an allegedly… pic.twitter.com/VQdWcSwjWo
— IANS (@ians_india) July 3, 2026


