रांचीः झारखंड और बिहार के कई हिस्सों में इन दिनों डेविल्स गिरोह सक्रिय है। इसे लेकर गृह विभाग ने दो जुलाई को डीजीपी को पत्र लिखा है, जिसमें अविलंब समीक्षा कर कार्रवाई से अवगत कराने के लिए कहा गया है। पुलिस को अंदेशा है कि गिरोह के तार पड़ोसी देशों से भी जुड़े हैं।
गिरोह के नेतृत्वकर्ता के रूप में नीतीश का नाम सामने आ रहा है। इस गिरोह की शुरुआत व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से 2015-16 में हुई थी। गिरोह के सदस्य बालू और ड्रग्स के अवैध कारोबार और व्यापारियों से रंगदारी मांगकर उगाही करते हैं, फिर इससे ही अवैध हथियारों की खरीददारी की जाती है। गिरोह के ज्यादातर सदस्य नशे की लत के शिकार हैं। यह गिरोह सोशल मीडिया के माध्यम से हथियार दिखाकर अपने टारगेट को पहले सीधे धमकी देता है, फिर वारदात को अंजाम देता है। यह गिरोह झारखंड के गोड्डा, दुमका और बिहार के बौसी क्षेत्र में सक्रिय है। बौसी क्षेत्र बिहार के बांका जिले में स्थित है। गिरोह में करीब 500 सदस्य हैं। गिरोह ने गोड्डा सहित अन्य जगहों पर कई वारदात को अंजाम दिया है।
हाल के दिनों में गोड्डा जिला स्थित पोड़ैयाहाट के मुखिया अनुपम भगत पर जानलेवा हमला कर फायरिंग की गयी थी। हालांकि घटना में मुखिया बाल-बाल बच गये। बिहार के बौसी थाना क्षेत्र में दो बड़े हत्याकांडों को भी अंजाम दिया गया। डेविल्स गैंग ने पहली बार 2017 में शहर के नहर चौक, भतड़िहा एवं फसिया डंगाल में मारपीट की घटना की। फिर वर्ष 2021 में गोड्डा के गुलजार बाग में नीरज रजक लोहे के रॉड, डंडा और धारदार हथियार से पीट-पीट कर हत्या कर दी। घटना के बाद गोड्डा कॉलेज हाट में गैंग ने दो लोगों की पीट-पीट कर हत्या करने के बाद पोड़ैयाहाट में बीजेपी कार्यकर्ता रविंद्र भगत की 2024 में गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद एक और व्यक्ति की हत्या शहर में ही धारदार हथियार से की थी। इस मामले को राज्य की डीजीपी तदाशा मिश्रा ने भी गंभीरता से लिया है।
सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ करते हैं पोस्ट
गिरोह का दुस्साहस इतना बढ़ गया है कि इसके सदस्य खुलेआम इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया के जरिये एके-47 और अन्य हथियारों को लहराते हुए पोस्ट करते रहते हैं। इस गिरोह ने हत्या सहित अन्य घटनाओं को अंजाम दिया है। गिरोह के लिए दबंगई वाला गाना बनाकर भी पोस्ट किया जा रहा है। इससे लोगों के बीच भय व्याप्त है। इस संबंध में गृह विभाग के सचिव संजय पांडेय ने डीजीपी तदाशा मिश्रा और गोड्डा जिले के एसपी को पत्र भेजा है, जिसमें कहा गया है कि गृह विभाग को सूचना मिली है कि गोड्डा जिले में डेविल्स ग्रुप के नाम से युवाओं ने आपराधिक गिरोह बनाया है। गिरोह विभिन्न स्थानों पर आपराधिक वारदातों को अंजाम दे रहा है। गिरोह में कई हत्याकांडों को भी अंजाम दिया है। ऐसी घटनाओं पर नियंत्रण विधि व्यवस्था और अन्य व्यक्तियों की सुरक्षा के लिए अति आवश्यक है। इसलिए मामले की अविलंब समीक्षा कर कार्रवाई से विभाग को अवगत कराया जाये।

शराब से लेकर ब्रॉउन शुगर तक के आदी है गैंग के सदस्यः गोड्डा जिले में करीब सात-आठ वर्षो से डेविल्स गिरोह को खौफ लोगों के बीच है। इस गिरोह के सदस्यों ने अब तक पांच बड़े हत्याकांडों को अंजाम दिया है। वहीं खतरनाक मारपीट की घटनाओं को अंजाम देकर अपनी दहशत बनायी है। ब्रॉउन शुगर, गांजा शराब के लती डेविल्स के सदस्य जरा सी बात पर मामले को मौत के अंजाम तक पहुंचा देते हैं। इसकी शुरुआत 2015-16 में करीब 100 सदस्य वाले व्हाट्सएप ग्रुप से हुई थी। आज इसके 500 से भी ज्यादा सदस्य हैं। गोड्डा शहर व गांव के अलावा पोड़ैयाहाट, पथरगामा के बाद इस ग्रुप का फैलाव दुमका के हंसडीहा, रामगढ़ के साथ साथ बिहार के बौसी थाना क्षेत्र तक पहुंच चुका है।
गोड्डा एसपी को कार्रवाई का निर्देशः डेविल्स गिरोह के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा ने गैंग के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश गोड्डा के एसपी को दी है। उन्होंने कहा है कि डेविल्स गैंग के खिलाफ शिकायत के बाद कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।


