रांचीः पलामू के पड़वा थाना क्षेत्र के सिक्का गांव में रहस्मय बीमारी से एक ही परिवार के पांचवें सदस्य नकुल महतो की रविवार देर रात करीब 2.30 बजे रांची के रिम्स अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। उनकी मां लाखों देवी अब भी रिम्स में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही हैं। एक दिन पहले नकुल की भाभी श्वेता देवी की भी मौत हो गई थी। इससे पहले 20 जून को कुलदीप महतो और बबीता महतो के शवों का पोस्टमार्टम पड़वा पुलिस की पहल पर कराया गया था, लेकिन रिपोर्ट नहीं आनेइ के कारण 10 दिन बाद भी मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है।
परिजन रंजन महतो ने कहा कि श्वेता देवी की मौत के बाद पोस्टमार्टम के लिए करीब 24 घंटे इंतजार करना पड़ा। रिम्स प्रबंधन ने बताया कि रविवार को पोस्टमार्टम नहीं होता। इधर, ग्रामीणों का आरोप है कि एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत के बावजूद प्रशासन की ओर से समय पर कोई सहायता नहीं मिली। तीन शवों का अंतिम संस्कार ग्रामीणों के सहयोग से किया गया। घटना के बाद पहली बार बीडीओ अंजली मेहता के नेतृत्व में प्रशासन की टीम सिक्का गांव पहुंची।
एक बेटा डर से घर नहीं लौट रहा
कुलदीप महतो के तीन बेटे और तीन बेटियां थीं। बड़ी बेटी और बेटे अनुज महतो की शादी हो चुकी है। अब तक कुलदीप महतो, बेटे नकुल महतो, बेटियां बबीता कुमारी, इंदु कुमारी और बहू श्वेता देवी की मौत हो चुकी है। पत्नी लाखों देवी रिम्स में भर्ती हैं। परिवार में अब गांव में केवल अनुज महतो रह गए हैं। दूसरे बेटे सुनील महतो दहशत के कारण घर नहीं लौट रहे हैं। वे रिश्तेदार के यहां ठहरे हुए हैं। अनुज ने भी एहतियात के तौर पर बेटे को उसके ननिहाल भेज दिया है। कहा जा रहा है कि परिवार ने अंधविश्वास में आकर तांत्रिक के दिये हुए राख को खाने में मिलाकर खाया जिसके बाद धीरे-धीरे सबकी तबीयत बिगड़ने लगी। अस्पताल में इलाज के लिए बड़ी मुश्किल से परिवार को लाया गया।
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वित्त मंत्री पीड़ित परिवार से मिले
एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत के बाद वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर सोमवार को रिम्स पहुंचे। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर के साथ स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के संयुक्त सचिव सह निदेशक दिनेश यादव, रिम्स के कार्यकारी निदेशक डॉ डीके सिन्हा, चिकित्सा अधीक्षक तथा अन्य प्रशासनिक एवं चिकित्सकीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
पलामू के एक ही परिवार के कई भर्ती मरीजों का हाल जानने के बाद वित्त मंत्री ने रिम्स ट्रॉमा सेंटर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने भर्ती मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति की विस्तृत जानकारी विशेषज्ञ चिकित्सकों से प्राप्त की तथा उपचार व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि मरीजों के उपचार के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की समर्पित टीम गठित कर समन्वित एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुनिश्चित की जाए।
वित्त मंत्री ने पलामू के एक ही परिवार के भर्ती मरीज की इलाज में कोई कोताही नहीं बरतने के निर्देश दिया।साथ ही कहा कि आवश्यकता पड़ने पर देश के अन्य प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों के विशेषज्ञों से टेली-कंसल्टेशन की व्यवस्था की जाए तथा मरीज की चिकित्सकीय स्थिति के अनुरूप आवश्यक होने पर समयबद्ध तरीके से उच्च चिकित्सा संस्थान में रेफर करने की प्रक्रिया भी सुनिश्चित की जाए।वित्त मंत्री के साथ रिम्स पहुंचें उच्च अधिकारियों ने मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं, आवश्यक दवाओं, जांचों एवं सतत निगरानी व्यवस्था की समीक्षा की। साथ ही निर्देश दिया कि उपचार में किसी भी प्रकार की कमी न रहे तथा सभी आवश्यक संसाधन हर समय उपलब्ध रहें। घटना में मृत परिजनों के मामले में अधिकारियों ने पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल बोर्ड गठित करने का निर्देश दिया, ताकि मृत्यु के कारणों का वैज्ञानिक एवं निष्पक्ष परीक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
रिम्स की ओर से बताया गया है कि प्रारंभिक चिकित्सकीय आकलन के आधार पर विशेषज्ञों ने आशंका व्यक्त की है कि यह मामला एपिडेमिक ड्रॉप्सी (Epidemic Dropsy) से संबंधित हो सकता है, जो प्रायः दूषित सरसों के तेल के सेवन से उत्पन्न होता है। हालांकि, इसकी अंतिम पुष्टि के लिए आवश्यक जैविक एवं खाद्य नमूने संग्रहित कर फॉरेंसिक एवं प्रयोगशाला जांच कराने का निर्णय लिया गया है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत ही बीमारी के कारणों की आधिकारिक पुष्टि की जाएगी। रिम्स प्रशासन ने आश्वस्त किया कि सभी मरीजों का उपचार विशेषज्ञ चिकित्सकों की सतत निगरानी में निर्धारित चिकित्सीय प्रोटोकॉल के अनुरूप किया जा रहा है तथा संस्थान उन्हें सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

