पटना कॉलेज के HOD पर PhD कराने के नाम पर यौन उत्पीड़न का आरोप, कैबिन में बुलाकर करते थे गंदा काम

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June 29, 2026

पटना कॉलेज के HOD पर PhD कराने के नाम पर यौन उत्पीड़न का आरोप, कैबिन में बुलाकर करते थे गंदा काम

डेस्कः पटना कॉलेज की एक पूर्व काउंसलर ने विभागाध्यक्ष (HOD) पर शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने पीरबहोर थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है।दूसरी ओर, विभागाध्यक्ष की तरफ से भी युवती के खिलाफ पहले ही एक शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है। पीड़िता का आरोप है कि जब वह पटना कॉलेज में कार्यरत थीं, तब विभागाध्यक्ष ने उन्हें पीएचडी कराने और स्थायी नौकरी दिलाने का झांसा दिया।
इसी प्रलोभन के बहाने उन्हें बार-बार एचओडी के निजी चैंबर में बुलाया जाता था, जहां उनके साथ शारीरिक छेड़छाड़ की गई। जब उन्होंने इस अभद्र व्यवहार का विरोध किया, तो विभागाध्यक्ष ने उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने और उनका शैक्षणिक व व्यावसायिक करियर पूरी तरह बर्बाद करने की धमकी दी।शिकायतकर्ता ने कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर उंगली उठाई है। उनका कहना है कि इस प्रताड़ना से तंग आकर उन्होंने सबसे पहले पटना कॉलेज की आंतरिक शिकायत समिति (आइसीसी) के समक्ष अपनी गुहार लगाई थी।
PhD और नौकरी के नाम पर उत्पीड़न का आरोप
पीड़िता का आरोप है कि जब वह पटना कालेज में कार्यरत थीं, तब विभागाध्यक्ष ने उन्हें PhD कराने और स्थायी नौकरी दिलाने का झांसा दिया। इसी प्रलोभन के बहाने उन्हें बार-बार एचओडी के निजी चैंबर में बुलाया जाता था, जहां उनके साथ शारीरिक छेड़छाड़ की गई। जब उन्होंने इस अभद्र व्यवहार का विरोध किया, तो विभागाध्यक्ष ने उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने और उनका शैक्षणिक, व्यावसायिक करियर पूरी तरह बर्बाद करने की धमकी दी।
शिकायतकर्ता ने कालेज प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि इस प्रताड़ना से तंग आकर उन्होंने सबसे पहले पटना कॉलेज की आंतरिक शिकायत समिति (ICC) के समक्ष अपनी गुहार लगाई थी।
पहनावे पर टिप्पणी और निजी काम कराने के आरोप
लिखित शिकायत के मुताबिक, पीड़िता वर्ष 2024 से सितंबर 2025 तक पटना कालेज में काउंसलर के पद पर तैनात थीं। उनका कहना है कि इस पूरे कार्यकाल के दौरान उनका लगातार उत्पीड़न किया गया। विभागाध्यक्ष न केवल उनके पहनावे पर अश्लील और आपत्तिजनक टिप्पणियां करते थे, बल्कि उन्हें आधिकारिक दायित्वों से अलग हटकर निजी काम करने के लिए भी मजबूर करते थे।पीड़िता का दावा है कि उनसे उनका व्यक्तिगत बायोडाटा बनवाया जाता था और कालेज के अन्य पदाधिकारियों के पत्र, टाइम-टेबल तैयार करने के नाम पर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। इसके अलावा, उन्हें कार्यालय के तय घंटों के बाद घर से भी काम करने के लिए विवश किया जाता था।
मुझसे शादी करना चाहती थी, मना करने पर आरोप लगा रही- उदय शंकर
मनोविज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष (HOD) उदय शंकर ने अपना पक्ष रखते हुए बताया, ‘युवती द्वारा लगाए गए सारे आरोप गलत हैं। यह मुझसे शादी करना चाहती थी। इसी दौरान जब मैंने मना किया, तो यह और इसके पिता दोनों मेरे खिलाफ आरोप लगाने लगे।’
पूर्व में भी यह कई लोगों पर छेड़छाड़ और प्रताड़ना का आरोप लगा चुकी है। यही नहीं फर्जी सर्टिफिकेट पर नौकरी कर रही थी, जिसके बाद पिछले वर्ष 8 सितंबर को युवती को नौकरी से निकाल दिया गया था। कोर्ट में डेढ़ करोड़ रुपये के मानहानी का केस भी चल रहा है। दोनों पक्षों के आरोपों की पड़ताल कर रही पुलिस इस पूरे मामले पर पीरबहोर थाना प्रभारी राजकुमार सिंह ने बताया, ‘पूर्व काउंसलर की लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। इस शिकायत से पहले दूसरे पक्ष विभागाध्यक्ष भी उक्त युवती के खिलाफ पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज करा चुके हैं।’पुलिस अब दोनों पक्षों के दावों, कॉलेज के रिकॉर्ड और आंतरिक समिति के दस्तावेजों को खंगाल रही है, ताकि सच सामने आ सके। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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