रांचीः राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) की बहुचर्चित और बेसकीमती सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने रविवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई की है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, एसीबी की टीम ने लकी कंस्ट्रक्शन के संचालक और नामचीन बिल्डर शुभम साबू को नेशनल गली स्थित उसके आवास से सुबह-सुबह हिरासत में लिया है। टीम उसे तुरंत अपने साथ मुख्यालय ले गई है, जहां इस महाघोटाले को लेकर सघन पूछताछ जारी है। हालांकि, एसीबी के आला अधिकारियों ने अभी तक आधिकारिक तौर पर बिल्डर की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है और इसे केवल हिरासत में लेकर पूछताछ की कार्रवाई बताया है।
सरकारी जमीन पर संगठित सिंडिकेट का कब्जा
रिम्स की इस जमीन से जुड़ा यह मामला बेहद गंभीर और बड़े पैमाने पर की गई जालसाजी का है। अब तक की जांच में यह साफ हो चुका है कि मोरहाबादी मौजा की 8 एकड़ और कोकर मौजा की 1.65 एकड़ को मिलाकर कुल 9.65 एकड़ सरकारी जमीन पर एक संगठित भू-माफिया सिंडिकेट ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा था। राजधानी के इस पॉश इलाके में स्थित इस पूरी जमीन की मौजूदा बाजार कीमत 100 करोड़ रुपये से भी अधिक आंकी जा रही है, जिसे फर्जी दस्तावेजों के सहारे हड़पने की साजिश रची गई थी।
सरकारी जमीन पर बना दिया अपार्टमेंट
एसीबी की जांच में यह भी चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि हिरासत में लिए गए बिल्डर ने इस सरकारी जमीन पर नियम-कानूनों को ताक पर रखकर एक आलीशान अपार्टमेंट का निर्माण करा दिया था। इस अवैध कंस्ट्रक्शन में कथित रूप से लगभग 14 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश किया गया था। जांच एजेंसी अब कड़ाई से यह पता लगाने में जुटी है कि रिम्स की इस जमीन के अवैध धंधे से इस सिंडिकेट, बिल्डर और इसमें शामिल अन्य सफेदपोश आरोपियों ने कुल कितनी काली कमाई की है और इसमें किन-किन अधिकारियों की मिलीभगत थी।
मास्टरमाइंड प्रमोद महतो फरार
इस पूरे जमीन घोटाले का एक और मुख्य मास्टरमाइंड प्रमोद महतो फिलहाल पुलिस और एसीबी की पकड़ से बाहर है। आरोप है कि प्रमोद महतो ने ही रिम्स की इस विवादित जमीन की पावर ऑफ अटॉर्नी अपने नाम पर ली थी। एसीबी उसके खिलाफ अदालत से गिरफ्तारी वारंट भी हासिल कर चुकी है, जिसके बाद से वह लगातार फरार चल रहा है. खुद को कानून के शिकंजे से बचाने के लिए प्रमोद महतो ने एसीबी की विशेष अदालत में अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) की अर्जी भी दाखिल की है, जिसपर कोर्ट में सुनवाई होनी है।


