डेस्कः देश के प्रतियोगिता परीक्षाओं के पेपर लीक होने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालिया नीट परीक्षा विवाद के बाद अब महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) 2026 पर भी पेपर लीक का साया पड़ गया है। ठाणे जिले के भिवंडी के कोनगांव इलाके में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर शनिवार को एक बड़े अंतरराज्जीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें से दो बिहार का और एक हरियाणा का है।

आरोपियों की पहचान राजीव शाह (बिहार), आकाश कुमार (बिहार) और धीरज कुमार (हरियाणा) के रूप में हुई है। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों की उम्र 45, 28 और 30 साल बताई जा रही है। पुलिस पूछताछ में जो शुरुआती मालूमात सामने आई है, वो वाकई हैरान करने वाली है। जिसके बाद 28 जून को होने वाली परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। साफ है कि इस काले धंधे का नेक्सस उत्तर भारत से लेकर पश्चिम भारत तक गहराई से फैला हुआ है।
आरोपियों ने 1.5 करोड़ रुपये मांगा था एडवांस पेमेंट
उन्होंने आगे कहा कि पूछताछ में पता चला कि आरोपियों ने 1.5 करोड़ रुपये की मांग की थी और एडवांस पेमेंट मांगा था। इसके बाद उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश पर एक विशेष जांच टीम बनाई गई है। डीसीपी पवन बंसोड़ जांच टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। टीम में कुल 20 सदस्य हैं, जिनमें दो ACP, नौ अधिकारी (PI और API) और अन्य कर्मचारी शामिल हैं।
दिल्ली से जुड़े तार
पेपर लीक करने वाले इस गिरोह के तार सिर्फ महाराष्ट्र तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कई राज्यों से जुड़े हुए हैं। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों की उम्र 45, 28 और 30 साल बताई जा रही है। पुलिस पूछताछ में जो शुरुआती मालूमात सामने आई है, वो वाकई हैरान करने वाली है। ये तीनों ही आरोपी दिल्ली से सफर करके महाराष्ट्र पहुंचे थे। इनमें से एक शख्स हरियाणा का रहने वाला है, जबकि बाकी दो बिहार के बाशिंदे हैं। साफ है कि इस काले धंधे का नेक्सस उत्तर भारत से लेकर पश्चिम भारत तक गहराई से फैला हुआ है। एडिशनल कमिश्नर दुबे के मुताबिक, लीक हुए इन पर्चों के एवज में करीब 1.5 करोड़ रुपये की मोटी रकम की मांग की गई थी। अब तफ्तीश करने वाले अफसर ये पता लगाने में पूरे जी-जान से जुटे हैं कि आखिर ये पर्चे किसे बेचे जाने थे और इनके असल खरीदार कौन लोग थे। पुलिस ने इन तीनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 316(5) और 61(2) के तहत संगीन मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मुख्य आरोपी फरार
पुलिस ने आगे बताया कि हमें जानकारी मिली है कि ये पेपर दूसरी जगहों पर भी बेचे गए थे। इसलिए मुख्य आरोपी के पकड़े जाने के बाद ही मामले की पूरी जानकारी सामने आएगी। सभी संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए जांच चल रही है। हम पता लगा रहे हैं कि इस मामले में कौन-कौन शामिल है और पेपर कहां बेचे गए थे। हालांकि, मुख्य आरोपी अभी तक फरार है। अभी हमारे पास तीन आरोपी हिरासत में हैं। एक हरियाणा से है और दो बिहार से हैं।


