पटना:सरकारी टेंडरों को पैसे और पैरवी के दम पर मैनेज करने के आरोपित रिशुश्री उर्फ रिशु रंजन सिन्हा से विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) की पूछताछ पूरी हो गई है।रिशुश्री से एसवीयू की तीन अलग-अलग टीमों ने चार दिनों में 30 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की। एसवीयू को मंंगलवार को रिशुश्री की पांच दिनों की रिमांड मिली थी जो शनिवार को पूरी हो रही थी मगर पूछताछ पूरी हो जाने के कारण शुक्रवार की रात ही उसे वापस बेउर जेल भेज दिया गया।
सूत्रों के अनुसार, रिशुश्री ने पूछताछ में बहुत नपे-तुले अंदाज में सवालों के जवाब दिए। बताया जाता है कि अपने अधिवक्ता के दिशा-निर्देश के अनुसार उसने प्रश्नों के उत्तर दिए हैं।उसने पूछताछ के दौरान बड़े सरकारी अफसरों के साथ अपने संबंधों को निजी बताया। टेंडर और अफसरों की पोस्टिंग के लिए पैसे दिए जाने के सवाल पर रिशुश्री ने सरकारी सिस्टम पर ही सवाल उठाते हुए कहा कि बिना लेन-देन कोई काम नहीं होता है।
हर दिन औसत सात-आठ घंटे हुई पूछताछ
रिशुश्री से हर दिन औसत सात से आठ घंटे पूछताछ हुई। इस दौरान सबसे अधिक सवाल जल संसाधन, नगर विकास एवं आवास, बुडको, भवन निर्माण विभाग और बीएमएसआइसीएल (बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के टेंडरों में गड़बड़ी को लेकर किए गए।प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में आई बातों का भी एसवीयू ने क्रास वेरिफिकेशन किया मगर कोई स्पष्ट उत्तर नहीं मिल सका।उसने कहा कि उसकी कंपनी टेंडर के जरिए सरकारी काम लेती थी इसलिए वह अधिकारियों से मिलता था, यह उसके काम का हिस्सा है। पूछताछ के दौरान वह खुद को फंसाए जाने की बात भी बार-बार दोहराता रहा।
फरार आईएएस अफसरों को नोटिस देने की तैयारी
एसवीयू सूत्रों के अनुसार, छापेमारी में फरार मिले आईएएस अधिकारी संजीव हंस, योगेश कुमार सागर और अभिलाषा कुमारी शर्मा को जांच टीम के समक्ष हाजिर होने के लिए नोटिस देने की तैयारी है।इन अधिकारियों से छापेमारी में मिले दस्तावेज और रिशुश्री से संबंधों को लेकर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। टेंडर हेराफेरी मामले में जेल में बंद रिशुश्री के करीबी सहयोगी संतोष और गिरफ्तार अधिकारियों तारिणी दास, मुमुक्षु चौधरी और उमेश कुमार सिंह को भी बारी-बारी एसवीयू की टीम रिमांड पर ले सकती है।रिशुश्री के सहयोगी और मातृस्वा इंफ्रा कंपनी के निदेशक पवन कुमार की भी तलाश एसवीयू कर रही है।







