डेस्कः बिहार के बेगूसराय दरिंदगी की हदें पार करने वाली एक बेहद ही खौफनाक घटना सामने आई है। 28 वर्षीय एक महिला के साथ पांच युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म करने के बाद अमानवीयता की हद पार करते हुए उसके प्राइवेट पार्ट (गुप्तांग) में कारतूस, कंकड़ और लड़की का टुकड़ा डाल दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि मेडिकल जांच में भी इस बात का पता नहीं चला। एक सप्ताह बाद गुरुवार को पीड़िता को असहनीय दर्द होने के बाद सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां जांच में इसका पता चलने पर डॉक्टरों ने कारतूस, कंकड़ और लकड़ी का टुकड़ा बाहर निकाला।
पीड़िता ने बताया कि 11 जून की रात करीब 11.30 बजे के आसपास वह घर से शौच के लिए बाहर निकली थी। इसी दौरान पांच युवकों ने उसे पकड़ लिया। बदमाशों ने उसके पति के कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर महिला का मुंह साड़ी से तथा हाथ ब्लाउज फोड़कर बांध दिया। इसके बाद आरोपियों ने उसे सुनसान स्थान पर ले जाकर बारी-बारी से दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गयी तथा ब्लेड से छाती और जांघ पर हमला किया गया। वारदात के बाद आरोपी उसे घर के पास छोड़कर फरार हो गये।
हर पहलू की जांचः वहीं, सदर-वन डीएसपी आनंद कुमार पांडेय ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि हर पहलू से जांच की जा रही है। पीड़िता का न्यायालय में धारा 164 के तहत बयान दर्ज कर लिया गया है। वारदात को लेकर पड़ोस में रहने वाले लोगों को आरोपी बनाया गया है। पीड़िता ने चकिया थाने में आवेदन देकर तीन नामजद और दो अज्ञात लोगों के विरूद्ध मामला दर्ज कराया है। सूरज कुमार, रामू महतो और नीतीश महतो के अलावा दो अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज करया गया है।
सिविल सर्जन बोले-मेडिकल टीम ने दोबारा जांच की
सिविल सर्जन डॉक्टर अशोक कुमार ने मामले को लेकर बताया कि महिला की मेडिकल जांच की गयी है। उसके प्राइवेट पार्ट से कुछ सामान निकलने की बातें सामने आ रही है। इसके लिए मेडिकल बार्ड का गठन किया जायेगा। रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। उन्होंने कहा कि इस मामले में जिस स्तर पर लापरवाही बरती गई है उसको लेकर जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई होगी।







