सरायकेला: जिले के ईचागढ़ से लेकर तिरुलडीह तक बालू माफियाओं का नेटवर्क लगातार सक्रिय है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार अवैध रूप से बालू लदे हाइवा तिरुलडीह क्षेत्र से निकलकर नीमडीह के रास्ते पूर्वी सिंहभूम के बोड़ाम होते हुए जमशेदपुर शहर में प्रवेश करते हैं।बताया जाता है कि जैसे ही शाम ढलती है, बालू माफिया सक्रिय हो जाते हैं। अंधेरे का फायदा उठाकर रातभर अवैध बालू का परिवहन किया जाता है। ओवरलोड हाइवा और ट्रकों की आवाजाही से ग्रामीण सड़कों पर दबाव बढ़ रहा है, वहीं हादसों की आशंका भी बनी रहती है।
सरायकेला में बालू माफिया बेखौफ!
ईचागढ़ से तिरुलडीह तक अवैध कारोबार
रातभर दौड़ती है हाईवा@DCEastSinghbhum @SaraikelaPolice pic.twitter.com/WGFwBEiKpj
— Live Dainik (@Live_Dainik) June 8, 2026
स्थानीय लोगों का आरोप है कि रात के समय दर्जनों वाहनों के जरिए बालू की ढुलाई की जाती है, लेकिन इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। लोगों का कहना है कि अवैध खनन और परिवहन से सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है, जबकि पर्यावरण पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध बालू कारोबार पर सख्त कार्रवाई की जाए, रात में विशेष जांच अभियान चलाकर अवैध परिवहन में शामिल वाहनों को जब्त किया जाए और इस पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।



