लातेहार के जंगल में फेंकी गई सरकारी दवाइयां, बाबूलाल मरांडी ने स्वास्थ्य मंत्री और सरकार को घेरा

Picture of Live Dainik

Live Dainik

June 4, 2026

लातेहार के जंगल में फेंकी गई सरकारी दवाइयां, बाबूलाल मरांडी ने स्वास्थ्य मंत्री और सरकार को घेरा

रांचीः लातेहार ज़िला के जंगलों में लाखों सरकारी दवाएं फेंकी गई है। ये आयरन और फॉलिक एसिड की दवा है। खून की कमी के मरीज़ और गर्भवती महिलाओं को देने के लिए ये दवा सरकार ख़रीदती है। मनिका थाना और दो मुहान नदी के बीच जंगल में भारी मात्रा में सरकारी दवाइयां फेंके जाने का एक गंभीर मामला सामने आने के बाद राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो को साझा करते हुए नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग पर तीखा हमला बोला है।
जनता के टैक्स का पैसा सड़क पर बिखेरा: बाबूलाल
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार को घेरते हुए कहा कि जंगल में जो फेंकी गई हैं, वे सिर्फ दवाइयां नहीं हैं, बल्कि गरीब मरीजों के इलाज का अधिकार है। यह जनता के टैक्स का पैसा और सरकारी जवाबदेही है, जिसे इस तरह सड़क और जंगलों में बिखेर दिया गया है। उन्होंने कहा कि आज झारखंड का गरीब मरीज अस्पतालों में एक-एक जरूरी दवा के लिए दर-दर भटक रहा है। राज्य के सरकारी अस्पतालों में कहीं डॉक्टर नहीं हैं, तो कहीं बेड और जांच की सुविधा का घोर अभाव है। ऐसी बदहाली के बीच लाखों रुपये की सरकारी दवाइयां एक्सपायर होने या लापरवाही के कारण फेंक दी जाती हैं, जो बेहद चिंताजनक है।
बाबूलाल मरांडी ने स्वास्थ्य मंत्री पर साधा निशाना
बाबूलाल मरांडी ने मंत्री इरफान अंसारी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री को जनता की पीड़ा और अस्पतालों की दुर्दशा सुधारने से ज्यादा सोशल मीडिया पर रील बनाने, कैमरे के सामने बयानबाजी करने पर रहता है। उन्हें आलोचकों को मुकदमों की धमकी देने में दिलचस्पी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि रील और कैमरों से अस्पताल नहीं चलते और न ही केवल डायलॉगबाजी से गरीब मरीजों का इलाज संभव होता है। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि मामले में अब तक किस स्तर पर जांच हुई है और क्या किसी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की गई है। मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था में कथित अनियमितताओं और सरकारी संसाधनों की बर्बादी के मामलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

See also  भाजपा के 66 में से 35 प्रत्याशी दूसरे दलों से आए; झोला और झंडा पर जेएमएम ने कसा तंज, जारी की सूची

 

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Trending Now