डेस्कः केंद्र सरकार ने CBSE के OSM विवाद को बढ़ता देख बड़ा एक्शन लिया है। सकरा ने CBSE के चेयरमैन और सचिव को पद से हटा दिया है, साथ ही CBSE द्वारा ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ (OSM) सेवाओं की खरीद की जांच के लिए एक जांच समिति का गठन भी किया गया है।केंद्र सरकार ने मंगलवार को ही CBSE के पुराने चेयरमैन राहुल सिंह को हटा दिया था। इसके बाद लोखंडे प्रशांत सीताराम को उनकी जगह नियुक्त किया गया है।वरिष्ठ नौकरशाह वरुण भारद्वाज CBSE का नए सचिव होंगे।लोखंडे प्रशांत सीताराम अभी गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के पद पर काम कर रहे हैं।लोखंडे प्रशांत सीताराम ने बीई मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। वे AGMUT कैडर के IAS हैं और उनका गृह राज्य महाराष्ट्र है।
केंद्र सरकार के नए आदेश के मुताबिक, CBSE के अध्यक्ष और सचिव का तबादला कर दिया गया है। परीक्षाओं के मैनेजमेंट, मूल्यांकन प्रक्रियाओं में आ रही तकनीकी और व्यावहारिक दिक्कतों और जवाबदेही तय करने के मद्देनजर इस फैसले को बेहद अहम माना जा रहा है।
PM मोदी के दखल के बाद आया फैसला
सरकार यह फैसला CBSE की कॉपियों को जांचने और रिजल्ट के बाद के कामों पर कई हफ्तों से चल रही जांच के बाद लिया गया है।इस जांच की वजह से देश भर के छात्र, माता-पिता और शिक्षक काफी परेशान और चिंतित थे। सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि PM मोदी NEET पेपर लीक और सीबीएसई OSM मामले पर नजर बनाए हुए हैं। पीएम के हस्तशेप के बाद दोनों अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है।
CBSE अध्यक्ष – ट्रांसफ़र।
CBSE सचिव – ट्रांसफ़र।
एक-सदस्यीय “जाँच” समिति – गठित।
और असल ज़िम्मेदार, धर्मेंद्र प्रधान – सुरक्षित।अधिकारियों को हटा दिया। मंत्री को बचा लिया।
यह जवाबदेही नहीं – यह cover-up है।
हमारी माँग आज भी वही है: शिक्षा मंत्री को बर्ख़ास्त किया जाए और… https://t.co/LUrM8top5y
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) June 2, 2026


