रांचीः झारखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष की नई जंबो टीम का एलान रविवार को हुआ। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल ने केशव महतो कमलेश की नई टीम की घोषणा कर दी। अध्यक्ष पद संभालने के करीब 20 महीने के बाद केशव महतो कमलेश की नई टीम बनाई गई है। इस कमेटी में एससी, एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यक और युवाओं को प्राथमिकता दी गई है। संगठन के ढांचे को विस्तार देते हुए गोपाल साहू को एक बार फिर कोषाध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस नई टीम में कुल 16 उपाध्यक्ष, 43 महासचिव, 44 को-ऑर्डिनेटर, 81 सचिव और 44 संयुक्त सचिव बनाए गए हैं। इसके साथ ही पॉलिटिकल अफेयर्स, कैंपेन और इलेक्शन मैनेजमेंट जैसी महत्वपूर्ण कमेटियों का भी गठन किया गया है।इस बार कार्यकारी अध्यक्ष का पद किसी नेता को नहीं दिया गया है। नई टीम में कुल 188 पदाधिकारी बनाए गए है।

पदों के साथ सौंपी गई बड़ी जिम्मेदारियां
नई कमेटी के कामकाज को सुव्यवस्थित करने के लिए अध्यक्ष ने स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है।उन्होंने बताया कि 14 उपाध्यक्षों को राज्य की एक-एक लोकसभा सीट की विशेष जिम्मेदारी दी जाएगी, जबकि दो उपाध्यक्ष पीसीसी के विभागों और फ्रंटल संगठनों के बीच समन्वय का कार्य करेंगे। इसी तरह, 34 महासचिवों को जिला और नगर निकायों में प्रभारी के तौर पर तैनात किया जाएगा, जबकि शेष 9 महासचिव संगठन की आंतरिक व्यवस्था जैसे मीडिया, ट्रेनिंग और कांग्रेस संपत्तियों की सुरक्षा की निगरानी करेंगे। 81 सचिवों को विधानसभा क्षेत्रों में और 44 संयुक्त सचिवों को उनकी मदद के लिए भेजा जाएगा।

प्रदर्शन का होगा वार्षिक आकलन
केशव महतो कमलेश ने स्पष्ट किया कि इस नई कमेटी का कार्यकाल पांच वर्षों का होगा। हालांकि, पदाधिकारियों को अपनी उपयोगिता साबित करनी होगी, क्योंकि हर साल जून में उनके ‘परफॉर्मेंस’ का आकलन किया जाएगा। बेहतर प्रदर्शन करने वाले नेताओं को संगठन में प्रमोट किया जाएगा, जबकि निष्क्रिय रहने वालों पर गाज गिर सकती है। संगठन को सक्रिय करने के उद्देश्य से 15 से 20 मई तक राज्य के पांचों प्रमंडलों में बैठकों का दौर चलेगा, जिसकी शुरुआत 15 मई को देवघर से होगी।

आगामी कार्यक्रम और रैलियां
संगठन की सक्रियता केवल बैठकों तक सीमित नहीं रहेगी। 19 मई को पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। इसके पश्चात, 21 मई को पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी के शहादत दिवस के अवसर पर लातेहार में एक विशाल रैली का आयोजन किया जाएगा। यह रैली संगठन की मजबूती और आगामी चुनावी तैयारियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।





