डेस्कः बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना की टीम ने समस्तीपुर के रोसड़ा में एक उच्च वर्गीय लिपिक को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया।
एक लाख लेते पकड़ा गया
गुरुवार को निगरानी टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए लिपिक अनिल राम को एक लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद टीम उसे अपने साथ पटना ले गई।
बकाया भुगतान के लिए रिश्वत
मामले के अनुसार, अस्पताल में कार्यरत एक्स-रे टेक्नीशियन देवेन्द्र मंडर, जो नवंबर 2025 में सेवानिवृत्त हुए थे, अपने एरियर, सात साल के बकाया वेतन और सेवांत लाभ की करीब एक करोड़ रुपये की राशि निकालने के लिए प्रयास कर रहे थे। आरोप है कि इस भुगतान के बदले लिपिक द्वारा कमीशन की मांग की जा रही थी।
शिकायत के बाद बिछाया जाल
लगातार रिश्वत मांग से परेशान होकर देवेन्द्र मंडर ने निगरानी विभाग, पटना में शिकायत दर्ज कराई। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर टीम ने जाल बिछाया और तय योजना के अनुसार कार्रवाई को अंजाम दिया।
स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद अस्पताल और स्वास्थ्य महकमे में अफरा-तफरी का माहौल है। कर्मचारियों के बीच भी इस घटना को लेकर चर्चा तेज है। निगरानी विभाग की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।



