रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री Hemant Soren ने महिला आरक्षण और डिलिमिटेशन (परिसीमन) को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। बुधवार को दिए गए अपने बयान में उन्होंने साफ कहा कि महिला आरक्षण और लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने जैसे मुद्दों को एक साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
संसद का विशेष सत्र और बढ़ी राजनीतिक हलचल
केंद्र सरकार ने 16, 17 और 18 तारीख को संसद का विशेष सत्र बुलाया है। माना जा रहा है कि इस सत्र में महिला आरक्षण बिल और डिलिमिटेशन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होनी है इसी बीच, सोरेन के बयान ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।
“महिला आरक्षण और सीट बढ़ोतरी अलग-अलग मुद्दे”
सीएम सोरेन ने कहा कि महिला आरक्षण देना एक नीतिगत फैसला है, जबकि लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाना एक अलग विषय है। उन्होंने कहा कि इन दोनों मुद्दों को मिलाकर पेश करना उचित नहीं है और सरकार को इन्हें अलग-अलग मसौदे के रूप में लाना चाहिए।
लोकसभा सीट 850 होने पर उठाए सवाल
सोरेन ने लोकसभा सीटों की संभावित बढ़ोतरी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह कैसे तय किया जा रहा है कि सीटें 850 या 885 होंगी , यह संख्या 840 या 860 भी हो सकती है। उनके मुताबिक, यह पूरी तरह संख्या और परिसीमन का विषय है, जिसे स्पष्ट आधार पर तय किया जाना चाहिए।
महिला आरक्षण पर क्या बोले सोरेन?
सीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि वह महिलाओं को आरक्षण देने के पक्ष में हैं, लेकिन इसे एक ठोस नीति के तहत लाया जाना चाहिए, न कि अन्य मुद्दों के साथ जोड़कर।


