लोहरदगा : शहंशाहे लोहरदगा हजरत बाबा दुखन शाह (र.अ.) के 101वें सालाना उर्स मुबारक के मौके पर बुधवार को अकीदत और एहतराम के साथ चादरपोशी का सिलसिला शुरू हुआ। अंजुमन इस्लामिया लोहरदगा की अगुआई में सबसे पहले मजार पर गुसुल की रस्म अदा की गई। इसके बाद अंजुमन इस्लामिया के अध्यक्ष अब्दुल रउफ अंसारी और सचिव शाहिद अहमद बेलू के नेतृत्व में पदाधिकारियां ने पहली चादर पेश की। तत्पश्चात लोहरदगा उपायुक्त डा. कुमार ताराचंद और पुलिस अधीक्षक सादिक अनवर रिजवी के नेतृत्व में जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन की ओर से मजार पर चादरपोशी की गई। इस अवसर पर हजरत बाबा दुखन शाह लोहरदगा शरीफ की शान में गार्ड आफ आनर के तहत सलामी भी दी गई, जिससे पूरा माहौल श्रद्धा और सम्मान से सराबोर हो गया। मौके पर एसडीओ अमित कुमार, एसडीपीओ श्रद्धा केरकेट्टा, इंस्पेक्टर सह सदर थाना प्रभारी रत्नेश मोहन ठाकुर सहित प्रशासन और पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। उर्स के दौरान जामा मस्जिद के इमाम कारी शमीम रिजवी के नेतृत्व में सामूहिक दुआ का आयोजन किया गया। दुआ में लोहरदगा जिले में अमन, शांति, भाईचारा और खुशहाली कायम रहने, सभी लोगों के बीच मोहब्बत और सुकून की जिंदगी बीतने, मुल्क और सूबे की तरक्की तथा तमाम जायज मुरादों के पूरे होने की कामना की गई। बाबा के दरबार में हिंदू, मुस्लिम और सिख-इसाई समुदाय के लोगों ने एक साथ हाजिरी लगाकर सांप्रदायिक सौहार्द का मजबूत संदेश दिया। इस अवसर पर अंजुमन इस्लामिया के नाजिम-ए-आला हाजी अब्दुल जब्बार, कार्यकारी अध्यक्ष हाजी नईम खान, सैयद आरीफ हुसैन, कोषाध्यक्ष फिरोज शाह, सह सचिव अनवर अंसारी, अल्ताफ कुरैशी, सिराज अंसारी, असगर अंसारी, सरवर खान, सरवर आलम पाले, आबिद अंसारी, जैनुल आबेदिन, जिलानी अंसारी, मौलवी अबुल कलाम तैगी, असगर तैगी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद थे।

सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का सशक्त माध्यम है उर्स : उपायुक्त
उपायुक्त डा. कुमार ताराचंद ने कहा कि उर्स मेला सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का सशक्त माध्यम है। ऐसे आयोजन समाज में प्रेम, शांति और सौहार्द का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि यह उर्स न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि लोहरदगा की गंगा-जमुनी तहजीब की जीवंत मिसाल भी पेश करता है।
बाबा दुखन शाह का आशीर्वाद लेकर सच्चाई के रास्ते पर चलें : एसपी
एसपी सादिक अनवर रिजवी ने बाबा के मजार पर चादरपोशी के बाद कहा कि बाबा दुखन शाह का आशीर्वाद लेकर युवा सच्चाई के रास्ते पर चलें और अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाएं। एसपी ने कहा कि उर्स मेला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह सांप्रदायिक सौहार्द और आपसी भाईचारे का संदेश भी देता है। हर वर्ग और समुदाय के लोग इसमें भाग लेते हैं, जो सामाजिक एकता की भावना को मजबूत करता है। यह मेला बाबा दुखन शाह के प्रति श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक है और जिले में आपसी प्रेम और शांति बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

सभी के लिए बाबा का लंगर : कारी शमीम रिजवी
लोहरदगा : हजरत बाबा दुखन शाह के सालाना उर्स के मौके पर बुधवार को ख्वाजा गरीब नवाज ट्रस्ट की ओर से बाबा दुखन मदरसा में लंगर ख्वानी का आयोजन किया गया। लंगर से पहले कारी शमीम रिजवी और हाजी शाहिद फिदायी ने फतिहा ख्वानी की। साथ ही उर्स के शांतिपूर्ण आयोजन और लोहरदगा समेत पूरे सूबे व देश में अमन-चैन की दुआ मांगी गई। इस मौके पर हाजी शाहिद फिदाई, हाफिज शफीक, अबुल कलाम तैगी, सदर अब्दुल रउफ अंसारी, सचिव शाहिद अहमद, नाजिम-ए-आला हाजी अब्दुल जब्बार, नायब सदर हाजी नईम खान, सैयद आरीफ हुसैन, सह सचिव अनवर अंसारी, अल्ताफ कुरैशी, कोषाध्यक्ष फिरोज शाह, सिराज अंसारी, सैयद खालिद शाह, आबिद हुसैन, मीर आरीफ छोटू साहेब खलीफा, गुलाम मुर्तजा, साजिद अंसारी, शमीम खलीफा, फिरोज, मीर जाफर, वसीम अंसारी, एस. आफताब, मीर मुजफ्फर, खालिद अंसारी सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
मेले में तब्दील हुआ शहर का मध्य हिस्सा
उर्स को लेकर लोहरदगा शहर का मध्य भाग मेला स्थल में तब्दील हो गया है। उर्स मैदान, राहत नगर, एमजी रोड, मुख्य पथ थाना चौक से लेकर सोमवार बाजार तक अस्थायी दुकानों की कतारें लगी हुई हैं। खाद्य सामग्री, धार्मिक वस्तुएं, खिलौने और घरेलू उपयोग की वस्तुओं की दुकानों पर भारी भीड़ देखी जा रही है। उर्स मेला हर वर्ष आपसी सौहार्द, धार्मिक सद्भाव और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बनकर उभरता है।

कव्वाली और लंगर बना आकर्षण
उर्स के दौरान कव्वाली, लंगर और अन्य धार्मिक कार्यक्रम श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। खासकर रात में होने वाली कव्वाली महफिल में जायरीन की भारी भीड़ उमड़ रही है। बाबा की दरगाह पर अकीदतमंद चादर चढ़ाकर अपने परिवार, समाज और देश की तरक्की के लिए दुआ कर रहे हैं।
16 जनवरी तक चलेगा चादरपोशी का सिलसिला
उर्स के दौरान चादरपोशी का सिलसिला 16 जनवरी की अहले सुबह तक लगातार जारी रहेगा। बाबा के दरगाह पर हाजिरी देने के लिए झारखंड के विभिन्न जिलों के अलावा रांची, गुमला, लातेहार, पलामू समेत ओडिशा, बिहार, छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में जायरीन लोहरदगा पहुंच रहे हैं। इनमें महिलाओं की संख्या उल्लेखनीय है।

उर्स मेला का थानेदार ने किया उद्घाटन, जायरीनों से गुलजार हुआ लोहरदगा
लोहरदगा : हजरत बाबा दुखन शाह के सालाना उर्स मुबारक के अवसर पर आयोजित उर्स मेला का भव्य उद्घाटन बुधवार को इंस्पेक्टर सह सदर थाना प्रभारी रत्नेश मोहन ठाकुर ने फीता काटकर किया। उद्घाटन के साथ ही मेला क्षेत्र जायरीनों और श्रद्धालुओं की चहल-पहल से गुलजार हो उठा। हर ओर धार्मिक आस्था, उल्लास और सांस्कृतिक उत्साह का माहौल देखने को मिला। उद्घाटन समारोह में अंजुमन इस्लामिया के अध्यक्ष अब्दुल रउफ अंसारी, सचिव शाहिद अहमद बेलू, कोषाध्यक्ष फिरोज शाह, सह सचिव अनवर अंसारी, अल्ताफ कुरैशी, मेला आयोजन समिति के चीफ कन्वेनर राजा अंसारी, अराफात अंसारी, दानिश अली, जिलानी अंसारी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग, मेला समिति के सदस्य और स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।


इस अवसर पर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रत्नेश मोहन ठाकुर ने कहा कि उर्स मेला आपसी भाईचारे, प्रेम और सौहार्द का प्रतीक है। ऐसे आयोजन समाज में शांति, सद्भाव और एकता को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि मेला के दौरान सुरक्षा और विधि-व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद है, ताकि जायरीनों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। पुलिस की ओर से मेला समिति को हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। उर्स मेला के उद्घाटन के साथ ही पूरे क्षेत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक उत्साह का माहौल बन गया है, जो पूरे उर्स अवधि तक कायम रहने की उम्मीद है। अंजुमन इस्लामिया के अध्यक्ष अब्दुल रउफ अंसारी ने कहा कि हजरत बाबा दुखन शाह का संदेश इंसानियत, प्रेम और आपसी भाईचारे का है। उर्स मेला उसी संदेश को समाज तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि बाबा के दरबार में हर धर्म और वर्ग के लोग श्रद्धा के साथ हाजिरी लगाते हैं, जो लोहरदगा की गंगा-जमुनी तहजीब की खूबसूरत मिसाल है। वहीं अंजुमन इस्लामिया के सचिव शाहिद अहमद बेलू ने बताया कि मेला आयोजन समिति द्वारा साफ-सफाई, सुरक्षा, पेयजल, रोशनी और अन्य मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है। जायरीनों की सुविधा और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखना समिति की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने लोगों से मेला की गरिमा बनाए रखने और आपसी सौहार्द के साथ कार्यक्रमों में भाग लेने की अपील की।












