रांची/नई दिल्ली। झारखंड के साहिबगंज जिले में हुए अवैध पत्थर खनन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा और अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने इस मामले में सीबीआई जांच पर रोक लगाने की झारखंड सरकार की याचिका को खारिज करते हुए हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखा है। अब करीब 1500 करोड़ रुपये से अधिक के इस कथित घोटाले की जांच सीबीआई द्वारा जारी रहेगी।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि झारखंड हाईकोर्ट द्वारा सीबीआई जांच के जो आदेश दिए गए थे, वे पूरी तरह विधिसम्मत हैं और राज्य सरकार द्वारा दाखिल विशेष अनुमति याचिका (SLP) में कोई दम नहीं है। अदालत ने जांच में बाधा डालने की प्रवृत्ति पर भी नाराजगी जताई है।
इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इसे हेमंत सरकार के लिए “बड़ा झटका” बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने करीबी लोगों—पंकज मिश्रा, विष्णु यादव, राजेश यादव, बच्चू यादव, संजय यादव और सुभाष मंडल—को बचाने का हर संभव प्रयास करते रहे, लेकिन न्यायपालिका ने सच्चाई के साथ खड़े होकर सरकार के प्रयासों को विफल कर दिया।
मरांडी ने आरोप लगाया कि याचिकाकर्ता पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया गया, आम लोगों को डराने-धमकाने की कोशिश की गई, लेकिन अदालत में यह सब नहीं चला। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला “भ्रष्ट हेमंत सरकार के ताबूत में अंतिम कील” साबित होगा और इससे लोकतांत्रिक संस्थाओं में आम जनता का भरोसा और मजबूत होगा।




