दिल्लीः केंद्रीय कैबिनेट ने धनबाद के झरिया के कोयला खदानों में लगी आग को बुझाने और इससे प्रभावित लोगों की मदद के लिए नए मास्टर प्लान को मंजूरी दी है । कैबिनेट बैठक के बाद सूचना प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी जानकारी साझा करते हुए बताया कि 5,940 करोड़ की लागत से झरिया के आग पर काबू पाया जाएगा । इसके तहत जो मास्टर प्लान बनाया गया है उसमें कई तरह योजनाएं हैं ।
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#Cabinet approves the Revised Jharia Master Plan (JMP) for addressing issues related to fire, land subsidence, and the rehabilitation of affected families in the Jharia Coalfield
➡️The total financial outlay for the implementation of the revised plan is ₹5,940 crore
– Union… pic.twitter.com/565qYsGlpq
— PIB India (@PIB_India) June 25, 2025
2009 के मास्टर प्लान में सुधार
केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री ने बताया कि 2009 में तैयार किया गया मूल मास्टरप्लान कानूनी, तकनीकी और सामाजिक बाधाओं के चलते पूरी तरह लागू नहीं हो सका था। अब इन चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए योजना को फिर से संशोधित किया गया है।
सरकार के अनुसार, कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) हर साल इस योजना में अतिरिक्त 500 करोड़ रुपये का सहयोग देगा, जिससे पुनर्वास की प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी।
JRDA के अच्छे दिन आएंगें
इस योजना के तहत झरिया पुनर्विकास प्राधिकरण (JRDA) को सशक्त किया जाएगा। इसमें संयुक्त सचिव रैंक के सीईओ की नियुक्ति, एक कार्यान्वयन समिति और एक मॉनिटरिंग कमेटी का गठन किया जाएगा। मॉनिटरिंग कमेटी में कोयला मंत्रालय के सचिव और झारखंड के मुख्य सचिव सह-अध्यक्ष होंगे।
बेहतर पुनर्वास की योजना
संशोधित मास्टरप्लान का मुख्य उद्देश्य केवल घरों का पुनर्निर्माण नहीं, बल्कि जीविका सृजन, कौशल विकास, और सम्पूर्ण बुनियादी ढांचा (जैसे सड़क, स्कूल, अस्पताल, जल आपूर्ति, बिजली आदि) उपलब्ध कराना है। सरकार का मानना है कि यह योजना प्रभावित परिवारों को न केवल सुरक्षित आवास, बल्कि सामाजिक और आर्थिक स्थिरता भी प्रदान करेगी।
हजारों लोगों को मिलेगी मदद
झरिया कोलफील्ड क्षेत्र में वर्षों से आग और प्रदूषण से जूझ रहे हजारों परिवारों के लिए यह योजना एक बड़ी राहत मानी जा रही है। सरकार की मंशा है कि इस योजना से झरिया क्षेत्र में जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हो और प्रभावित लोगों को एक नया जीवन मिले।
JMP में और क्या-क्या है खास
संशोधित जेएमपी योजना में पुनर्वासित परिवारों की स्थायी आजीविका के साधन सृजित करने पर जोर दिया गया है। पुनर्वासित परिवारों की आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए विशेष कौशल विकास और रोजगार परक उपाय किए जाएंगे।
इसके अलावा, एक लाख रुपये का आजीविका अनुदान और वैध भू-स्वामित्व धारक (एलटीएच) परिवारों और अपंजीकृत भू-धारक (नॉन-एलटीएच) परिवारों- दोनों को तीन लाख रुपये तक संस्थागत ऋण सहायता दी जाएगी।
इसके अलावा, पुनर्वासित स्थलों पर सड़क, बिजली, जल आपूर्ति, सीवरेज, स्कूल, अस्पताल, कौशल विकास केंद्र, सामुदायिक भवन जैसे व्यापक बुनियादी ढांचे और आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। संशोधित झरिया मास्टर प्लान कार्यान्वयन समिति की सिफारिशों के अनुसार इन प्रावधानों को लागू किया जाएगा। इससे समग्र और मानवीय पुनर्वास सुनिश्चित होगा।
पुनर्वासित व्यक्तियों के आजीविका उपायों के लिए समर्पित झरिया वैकल्पिक आजीविका पुनर्वास कोष स्थापित किया जाएगा। इस क्षेत्र में संचालित बहु कौशल विकास संस्थानों के सहयोग से वहां कौशल प्रदान करने संबंधी विकास पहल भी की जाएगी।









