पटना: पूर्णिया के रूपौली विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में फंसी नजर आ रही आरजेडी उम्मीदवार बीमा भारती ने आखिरकार पप्पू यादव के सामने सरेंडर कर दिया। लोकसभा चुनाव में पप्पू यादव से बुरी तरह चुनाव हारने के बाद रूपौली सीट पर बीमा भारती का राजनीतिक भविष्य दांव पर है। रूपौली में बीमा ही हार और जीत ही उसके राजनीतिक भविष्य की दशा और दिशा तय करेगी। रविवार को बीमा भारती ने पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव से उनके आवास पर जाकर मदद मांगी।
इंदिरा गांधी ने नेताओं को जेल में डलवाया लेकिन…आपातकाल पर लालू यादव ऐसा क्या बोले कि टूट पड़ी बीजेपी
रूपौली में हो रहे उपचुनाव को लेकर पप्पू यादव अभी तक खामोश थे। हालांकि बीमा भारती के पति और बेटे पर हुए मर्डर केस को लेकर उन्होने जरूर कहा था कि बीमा के बेटे और पति को फंसाया जा रहा है। अब जब बीमा इस सीट पर फंसे हुई है और उनके पति और बेटे मर्डर केस में फंसे हुए है, रूपौली का चुनाव उनके राजनीतिक और पारिवारिक भविष्य को तय करेगा।
लालू-तेजस्वी की जगह पप्पू पर भरोसा
पूर्णिया लोकसभा सीट पर आरजेडी ने बीमा भारती को उम्मीदवार बनाया था, जबकि पप्पू यादव उस सीट पर लगातार दावा ठोक रहे थे। टिकट नहीं मिलने के बाद पप्पू यादव निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतरे और उन्होने जेडीयू उम्मीदवार संतोष कुशवाहा को नजदीकी मुकाबले में हरा दिया। बीमा भारती रेस में बहुत पीछे रह गई। हालांकि चुनाव प्रचार के दौरान तेजस्वी यादव ने खुले मंच से अपने समर्थकों को पप्पू यादव को वोट नहीं देने को कहा था, उन्होने कहा था कि मुकाबला इंडिया अलाइंस बनाम एनडीए अलाइंस है, इंडिया को अगर नहीं वोट देना तो एनडीए को दे देना, किसी तीसरे को वोट नहीं देना। लेकिन तेजस्वी की ये अपील चुनाव में बेअसर रही और पप्पू यादव चुनाव में जीत गये। पप्पू यादव को उस चुनाव के दौरान रूपौली सीट पर बढ़त मिली थी। बीमा भारती को पता है कि अगर पप्पू खामोश रहे तो उनका खेल बिगड़ सकता है, इसलिए बीमा ने तेजस्वी और लालू यादव के पप्पू यादव से दूरी को नजरअंदाज करते हुए पप्पू यादव से मदद मांगी।
कड़े मुकाबले में फंसी बीमा
रूपौली सीट पर कुल 11 उम्मीदवार चुनाव मैदान में है, जिसमें से पांच निर्दलीय और छह पार्टी के सिंबल पर चुनाव लड़ रहे है। जेडीयू ने इस बार कलाधर प्रसाद मंडल को उम्मीदवार बनाया है जो बीमा भारती की जाति से ही आते है। निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में शंकर सिंह है जिन्हे कैंची छाप मिले है जो कि दोनों उम्मीदवारों को टक्कर दे रहे है। वही एक निर्दलीय उम्मीदवार लालू प्रसाद यादव भी बाल्टी छाप से चुनाव मैदान में है जिससे आरजेडी के वोटर कन्फ्यूज हो सकते है। अपने आप को चुनाव में फंसा हुआ देख बीमा भारती ने लोकसभा चुनाव में अपने प्रतिद्वंदी रहे पप्पू यादव से मदद मांगी है। रूपौली में 10 जुलाई को मतदान होने वाला है।










