- Advertisement -
CM-Plan AddCM-Plan Add

Muzaffarpur के “अय्याशी गैंग” पर पुलिस की दबिश, 100 से अधिक लड़कियों का नौकरी के नाम पर किया गया रेप, विरोध करने पर होती थी पिटाई

Muzaffarpur के "अय्याशी गैंग" पर पुलिस की दबिश, 100 से अधिक लड़कियों का नौकरी के नाम पर किया रेप, विरोध करने पर होती थी पिटाई

मुजफ्फरपुर: बालिकागृह कांड जैसा ही एक कांड मुजफ्फरपुर में एक बार फिर सामने आया है जहां नौकरी के नाम पर लड़कियों के साथ रेप किया जाता था। पीड़िता ने मीडिया के सामने आकर इस मामले का खुलासा किया है। पीड़िता ने आरोप लगाया कि नौकरी के नाम पर इनके साथ दुष्कर्म किया जाता था, विरोध करने पर पिटाई की जाती थी और गर्भवती होने पर इनका गर्भपात करा दिया जाता था।
इस गैंग ने डीवीआर नाम की फर्जी मार्केटिंग कंपनी बनाई थी, इसमें सोशल मीडिया पर नौकरी देने का पोस्ट डाला जाता था। इसमें लिखा जाता था कि अगर आप नौकरी के इच्छुक है तो आप हमसे संपर्क करें आपको एक मोटी सैलरी दी जाएगी। ये नौकरी सिर्फ लड़कियों के लिए होता था, सोशल मीडिया पर पोस्ट देखकर कई लड़कियों ने नौकरी के लिए संपर्क किया, जिनको मोटी रकम देकर नौकरी के लिए रखा गया। इसके बाद कंपनी से जुड़े लोगों ने लड़कियों के साथ जबदस्ती शारीरिक संबंध बनाया, अगर ये लड़कियां विरोध करती थी तो उनको बेल्ट से पीटा जाता था। लड़कियों के पिटाई के कई वीडियो सामने आये है। हालांकि पिछले साल अहियापुर और सदर थाना पुलिस ने छापेमारी कर लड़कियों को मुक्त कराया था। ज्यादातर लड़कियों ने शिकायत करना मुनासिब नहीं समझा लेकिन छपरा की रहने वाली है पीड़ित लड़की ने हिम्मत दिखाई और मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाने में एक फर्जी एम्पलाई पर एफआईआर दर्ज कराया।

पीड़िता ने बताया कि फेसबुक पर महिलाओं के लिए जॉब ऑफर के पोस्ट के माध्यम से वह डीवीआर संस्था से जुड़ी जहां अप्लाई करने पर चयन होने के बाद प्रशिक्षण के नाम पर ₹20000 की मांग की गई उसने बताया कि 20000 जमा करने के बाद बहुत सारी लड़कियों के साथ अहियापुर थाना क्षेत्र में ही बखरी के निकट रखा गया। लगभग 3 महीना तक गुजर जाने के बाद भी जब सैलरी नहीं मिली तो उसने संस्था के सीएमडी तिलक सिंह के समक्ष अपनी बात रखी तब उसे यह बताया गया कि 50 और लड़कियों को संस्था से जोड़ने पर उसकी सैलरी 50 हजार कर दी जाएगी।पीड़ित लड़कियों को आपस में बात करने की इजाजत तक नहीं थी। इन लड़कियों के साथ रेप किया जाता था, विरोध करने पर बेल्ट से पिटाई होती थी यहां तक की सिगरेट से भी जलाया जाता था।

See also  तंबाकू नहीं देने पर मार दी गोली, बिहार से कोयला लेने आये ट्रक के ड्राइवर और खलासी को मारी गोली

muzaffarpur rape

पीड़िता का कहना है कि मुजफ्फरपुर रहते हुए भी तिलक सिंह ने उसके साथ जोर जबरदस्ती कर शारीरिक संबंध बनाया था। उस दौरान वह गर्भवती हुई थी जिसे तिलक सिंह द्वारा नुकसान करा दिया गया था। इस बीच कंपनी के चीट फंड होने का उसे एहसास हो गया था तो उसने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराना मुनासिब माना क्योंकि वह नहीं चाहती थी कि जैसे उसकी जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया गया वैसे किसी अन्य लड़कियों के साथ यह खिलवाड़ जारी रहे।

इस मामले के एक बार फिर सामने आने के बाद पुलिस फिर से एक्शन में आई है। पुलिस ने इस गैंग को पकड़ने के लिए छापेमारी की है। मुजफ्फरपुर की पुलिस उपाधीक्षक नगर विनीता सिंह ने कहा कि कंपनी से जुड़े कई जगहों पर पुलिस की छापेमारी हुई है कुछ लड़के कंपनी से जुड़े मिले हैं जिनसे पूछताछ की जा रही है कि आखिर ट्रेनिंग कहां-कहां होती थी कैसे होती थी किस बेस पर होती थी। कंपनी के ऊपर पूर्व में भी करीब दो-तीन मामले अहियापुर सदर थाना में दर्ज है। पीड़ित लड़की को पुलिस अभिरक्षा में रखा गया है पूछताछ की प्रक्रिया चल रही है, पूछताछ के बाद मेडिकल जांच कराया जाएगा फिलहाल कई बिंदुओं पर पुलिस की टीम जांच पड़ताल कर रही है साथ ही साथ कंपनी से जुड़े कई ठिकानों पर पुलिस की टीम सर्च कर रही है। 

See also  आधे उम्र के देवर के साथ भाभी हुई फरार, दो बच्चों को छोड़ मां अपने प्रेमी के साथ हो गई गायब, गहने भी ले गई साथ

पीड़िता ने बताया कि फेसबुक पर महिलाओं के लिए जॉब ऑफर के पोस्ट के माध्यम से वह डीवीआर संस्था से जुड़ी जहां अप्लाई करने पर चयन होने के बाद प्रशिक्षण के नाम पर ₹20000 की मांग की गई उसने बताया कि 20000 जमा करने के बाद बहुत सारी लड़कियों के साथ अहियापुर थाना क्षेत्र में ही बखरी के निकट रखा गया। लगभग 3 महीना तक गुजर जाने के बाद भी जब सैलरी नहीं मिली तो उसने संस्था के सीएमडी तिलक सिंह के समक्ष अपनी बात रखी तब उसे यह बताया गया कि 50 और लड़कियों को संस्था से जोड़ने पर उसकी सैलरी 50 हजार कर दी जाएगी।पीड़ित लड़कियों को आपस में बात करने की इजाजत तक नहीं थी। इन लड़कियों के साथ रेप किया जाता था, विरोध करने पर बेल्ट से पिटाई होती थी यहां तक की सिगरेट से भी जलाया जाता था।

muzaffarpur rape

पीड़िता का कहना है कि मुजफ्फरपुर रहते हुए भी तिलक सिंह ने उसके साथ जोर जबरदस्ती कर शारीरिक संबंध बनाया था। उस दौरान वह गर्भवती हुई थी जिसे तिलक सिंह द्वारा नुकसान करा दिया गया था। इस बीच कंपनी के चीट फंड होने का उसे एहसास हो गया था तो उसने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराना मुनासिब माना क्योंकि वह नहीं चाहती थी कि जैसे उसकी जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया गया वैसे किसी अन्य लड़कियों के साथ यह खिलवाड़ जारी रहे।

See also  हजारीबाग में लोगों का प्रदर्शन, बड़कागांव थाने का किया घेराव, मुआवजा शिविर में हुई झड़प के बाद गिरफ्तारी का विरोध

इस मामले के एक बार फिर सामने आने के बाद पुलिस फिर से एक्शन में आई है। पुलिस ने इस गैंग को पकड़ने के लिए छापेमारी की है। मुजफ्फरपुर की पुलिस उपाधीक्षक नगर विनीता सिंह ने कहा कि कंपनी से जुड़े कई जगहों पर पुलिस की छापेमारी हुई है कुछ लड़के कंपनी से जुड़े मिले हैं जिनसे पूछताछ की जा रही है कि आखिर ट्रेनिंग कहां-कहां होती थी कैसे होती थी किस बेस पर होती थी। कंपनी के ऊपर पूर्व में भी करीब दो-तीन मामले अहियापुर सदर थाना में दर्ज है। पीड़ित लड़की को पुलिस अभिरक्षा में रखा गया है पूछताछ की प्रक्रिया चल रही है, पूछताछ के बाद मेडिकल जांच कराया जाएगा फिलहाल कई बिंदुओं पर पुलिस की टीम जांच पड़ताल कर रही है साथ ही साथ कंपनी से जुड़े कई ठिकानों पर पुलिस की टीम सर्च कर रही है।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now