रांचीः सिक्किम के नामची जिले में हुए टनल हादसे में झारखंड के भी चार मजदूरों की मौत हो गयी है। मृतकों में खूंटी स्थित रनिया प्रखंड के डाहु गांव निवासी कृष्णा साहू (22) और बडरू विकास कंडुलना (25), हजारीबाग के बरही प्रखंड के जगेश्वर ठाकुर (46) और पश्चिमी सिंहभूम के कुमसिंग मदुरा गांव निवासी मसीह बरजो (27) शामिल हैं। सीएम हेमंत सोरेन ने हादसे को अत्यंत दुखद और चिंताजनक बताया है। उन्होंने सिक्किम के मुख्यमंत्री से बात की और आग्रह किया कि प्रभावित झारखंड के श्रमिकों को हरसंभव सहायता दी जाये। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ हमारी पूरी संवेदना है। सीएम ने श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव व माइग्रेंट सेल कंट्रोल रूम को संज्ञान लेने का निर्देश दिया है। कंट्रोल रूम लगातार सिक्किम सरकार के साथ संपर्क बनाये हुए है।
सिक्किम के नामची ज़िले में कल निर्माणाधीन तीस्ता स्टेज-VI जलविद्युत परियोजना की सुरंग में हुए भूस्खलन की घटना अत्यंत दुःखद और चिंताजनक है।
प्रारंभिक सूचना के अनुसार इस हादसे में झारखंड के हमारे कुछ श्रमिक भी प्रभावित हुए हैं।
माननीय मुख्यमंत्री श्री @PSTamangGolay जी से आग्रह…
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) July 22, 2026
गैस रिसाव के बाद हुआ विस्फोट
समरडुंग एनएचपीसी तीस्ता स्टेज सिक्स जल विद्युत परियोजना के निर्माणाधीन हेड रेस टनल में गैस रिसाव के बाद विस्फोट हो गया था। मौके पर मरनेवाले मजदूर अपने अन्य साथियों के साथ सिक्किम गये थे और वहां पटेल कंस्ट्रक्शन कंपनी में मजदूरी कर रहे थे। हादसे की सूचना मिलते ही रनिया प्रखंड के डाहु गांव में मातम छा गया। मृतक कृष्णा साहू और विकास कांडुलना के घरों में चीख-पुकार मच गयी। ग्रामीण लगातार मृतकों के पार्थिव शरीर को जल्द गांव लाने की मांग कर रहे हैं।
मृतक कृष्णा साहू के भाई ने हादसे की कहानी
हादसे में कृष्णा साहू के भाई बबलू साहू बच निकले। उन्होंने फोन पर बताया कि वह अपने भाई कृष्णा साहू के साथ दो जुलाई को सिक्किम पहुंचे थे। कृष्णा साहू और विकास कंडुलना सुरंग के अंदर मजदूरी करते थे, जबकि उन्हें कैंटीन (मेस) में काम मिला था। घटना वाले दिन वह दो अन्य साथियों के साथ सुरंग में काम कर रहे मजदूरों के लिए दोपहर का भोजन लेकर अंदर गये थे। तभी अचानक ब्लोअर का पाइप फट गया और आग व जहरीली गैस फैल गयी। वह और सात अन्य मजदूर किसी तरह बाहर निकल आये, लेकिन कृष्णा और विकास समेत 22 मजदूर सुरंग के अंदर ही फंस गये और उनकी मौत हो गयी।


