रांचीः चारा घोटाला मामले में झारखंड हाईकोर्ट में गुरुवार को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद की अपील याचिका पर सुनवाई हुई। जस्टिस अनुभा चौधरी की कोर्ट में लालू के वकील ने कहा कि लालू को फर्जी निकासी की जानकारी नहीं थी। उन्हें गलत तरीके से आरोपी बनाया गया है। उन्होंने ट्रेजरी से निकासी और वित्तीय दस्तावेजों के रखरखाव पर भी सवाल उठाया। कहा कि ट्रेजरी से खर्च का पूरा ब्योरा नहीं लिया गया।
चारा घोटाला मामले में लालू प्रसाद की अपील पर हो रही रोजाना सुनवाई
सुनवाई के दौरान लालू प्रसाद की ओर से उनके अधिवक्ता प्रभात कुमार और देवर्षि मंडल ने कहा कि संबंधित दस्तावेज में विभिन्न जिलों को भेजे गए पत्रों का उल्लेख है, लेकिन संबंधित जिलों से ट्रेजरी के माध्यम से खर्च की गई राशि का ब्योरा नहीं मिला।

ट्रेजरी नियमों के अनुसार, प्रत्येक महीने के अंत में उपयोगिता प्रमाणपत्र के साथ बिल और वाउचर महालेखाकार कार्यालय को भेजे जाने चाहिए थे। इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था।
उन्होंने यह भी दलील दी कि संबंधित अवधि में पदस्थापित किसी उपायुक्त और महालेखाकार कार्यालय के किसी अधिकारी को इस मामले में आरोपित नहीं बनाया गया, जबकि राशि के हिसाब-किताब और वित्तीय निगरानी में उनकी भूमिका थी। बता दें कि चारा घोटाला मामले में लालू प्रसाद की अपील पर हो रही लगातार सुनवाई जारी है।








