रांची : देशभर में नीट समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली को लेकर उठ रहे सवालों के बीच कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ अपना हमला और तेज कर दिया है। लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग करते हुए आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रही अनियमितताओं ने देश के करोड़ों छात्र-युवाओं का भविष्य संकट में डाल दिया है।
सांसद सुखदेव भगत ने जारी बयान में कहा कि देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता लगातार कमजोर हुई है और सरकार इसे रोकने में विफल रही है। उन्होंने दावा किया कि पिछले एक दशक में देशभर में 152 प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने से लगभग 7.5 करोड़ छात्र-युवा प्रभावित हुए हैं। उनका कहना है कि ऐसे मामलों ने युवाओं का भरोसा परीक्षा व्यवस्था से उठा दिया है।
राहुल गांधी ने सबसे पहले उठाया था छात्रों का मुद्दा : सुखदेव भगत
कांग्रेस सांसद ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी उन पहले नेताओं में रहे जिन्होंने नीट पेपर लीक और छात्रों के भविष्य का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से उठाया। उनके अनुसार राहुल गांधी पिछले दो वर्षों से लगातार परीक्षा प्रणाली में कथित भ्रष्टाचार, पेपर लीक और युवाओं के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार ने इस दिशा में कोई प्रभावी और ठोस पहल नहीं की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शुरू से ही पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह परीक्षा प्रणाली की मांग करती रही है, ताकि मेहनत करने वाले छात्रों के साथ अन्याय न हो।
छात्रों को लाठी नहीं, न्याय मिलना चाहिए
सुखदेव भगत ने छात्र आंदोलनों के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जब छात्र अपने भविष्य को लेकर सवाल उठाते हैं और न्याय की मांग करते हैं तो उन्हें बल प्रयोग का सामना करना पड़ता है। यह लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं और इससे उपजी निराशा के कारण कई छात्र मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। सरकार को इस विषय को केवल कानून-व्यवस्था के नजरिए से नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दे के रूप में देखना चाहिए।
नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें शिक्षा मंत्री
कांग्रेस सांसद ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। उनका आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों की जवाबदेही केवल शिक्षा मंत्रालय तक सीमित नहीं है, बल्कि केंद्र सरकार को भी इसकी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसी मजबूत और पारदर्शी व्यवस्था विकसित करनी चाहिए, जिससे भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लग सके और छात्रों का विश्वास बहाल हो। सुखदेव भगत ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस मुद्दे को संसद से लेकर सड़क तक लगातार उठाती रहेगी और छात्रों के अधिकारों तथा निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली के लिए संघर्ष जारी रखेगी।


