डेस्कः जगन्नाथ रथ यात्रा 2026 के पहले दिन पुरी के ग्रैंड रोड पर भारी भीड़ के कारण भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। एक श्रद्धालु की मौत हो गई, जबकि 120 से अधिक लोगों को सांस लेने में तकलीफ होने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ओडिशा के पुरी में जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान भगदड़ मच गई। इसमें 1 श्रद्धालु की मौत हो गई है, जबकि 100 से ज्यादा घायल होने की खबर है। अभी रथ यात्रा रूट पर करीब 10 लाख श्रद्धालु मौजूद हैं।#RathYatra #LordJagannath #JaiJagannath #Odisha #JagannathRathYatra #Puri pic.twitter.com/wAlJNmMRG5
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भीड़ के बीच अचानक हुई धक्का-मुक्की में एक श्रद्धालु नीचे गिर गया और दम घुटने से उसकी हालत गंभीर हो गई। घटना के तुरंत बाद उसे गंभीर अवस्था में पुरी जिला मुख्य चिकित्सालय ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है।
पुरी में जगन्नाथ रथयात्रा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़#RathYatra #LordJagannath #JaiJagannath #Odisha #JagannathRathYatra #Puri pic.twitter.com/Lu7gxXCJFB
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स्थानीय मीडिया के मुताबिक, हजारों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की वार्षिक यात्रा के साक्षी बनने के लिए गुंडिचा मंदिर की ओर एकत्रित हुए हैं।इस बीच, एक पुरी में ग्रैंड रोड (बड़ा डंडा) पर एक श्रद्धालु दम घुटने से बेहोश हो गया। उसे तुरंत पुरी जिला मुख्यालय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।घायलों का इलाज आपातकालीन दल द्वारा किया जा रहा है।
VIDEO | Puri: Several devotees faint during Jagannath Rath Yatra.
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पिछले साल भगदड़ में हुई थी 3 की मौत
पिछले साल 2025 में भी, वार्षिक रथ यात्रा के दौरान गुंडिचा मंदिर के पास भगदड़ मच गई थी, जिसमें कम से कम 3 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी और 50 से अधिक लोग घायल हो गए थे।तब भगदड़ का कारण अनुष्ठान सामग्री से भरे 2 ट्रकों का मंदिर के पास भीड़भाड़ वाले सरधबली इलाके में दाखिल होने को बताया गया था।यहां श्रद्धालु सुबह से 'पाहुदा' अनुष्ठान का इंतजार कर रहे थे, जिसमें देवताओं का चेहरा दिखता है।
9 दिन के त्योहार के लिए कड़े इंतजाम
इस 9 दिवसीय उत्सव का पहला दिन सबसे महत्वपूर्ण है। भगवान लकड़ी के रथों में सवार होकर गुंडिचा मंदिर जाते हैं, जिसे भगवान जगन्नाथ का जन्मस्थान माना जाता है।जैसे ही रथ ग्रैंड रोड पर आगे बढ़ता हैं, लाखों श्रद्धालु पवित्र रस्सियों को छूने के लिए धक्का-मुक्की करते हैं, जो अव्यवस्था का कारण बनता है। कुछ श्रद्धालु रथ के पहिये के नीचे आ चुके हैं। यात्रा के लिए 12,000 पुलिसकर्मी, सशस्त्र बल, 200 मजिस्ट्रेट और 50 CCTV कैमरे लगे हैं।


