धनबाद/ बाघमारा: जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह ने कहा कि जलवायु परिवर्तन वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अवैध कोयला खनन के कारण जमुनिया नदी का प्राकृतिक स्वरूप लगातार नष्ट हो रहा है और क्षेत्र के जलस्रोत तेजी से सूख रहे हैं। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाली पीढ़ियों को इसके गंभीर दुष्परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और जलस्रोतों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन को ठोस कार्रवाई करनी चाहिए। अवैध खनन न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि लोगों की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बनता जा रहा है।

फॉरेस्ट विभाग की रिपोर्ट के भी अनुसार जमुनिया नदी की धारा को अवरुद्ध कर नदी के बीचों-बीच अवैध कोयला खनन और उसकी निकासी की जा रही है। इससे नदी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो रहा है।


