राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने भूपेश बघेल को बनाया ऑर्ब्जवर, हेमंत सोरेन की नाराजगी दूर करने का प्रयास तेज

राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने भूपेश बघेल को बनाया ऑर्ब्जवर, हेमंत सोरेन की नाराजगी दूर करने का प्रयास तेज

रांचीः झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों को लेकर कांग्रेस और जेएमएम के बीच तनातनी बढ़ गयी है। कांग्रेस के प्रणव झा को उम्मीदवार घोषित जाने से नाराज जेएमएम ने दोनों सीटों पर उम्मीदवार उतारने का एलान शुक्रवार को कर दिया। जेएमएम के केंद्रीय अध्यक्ष और राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कांग्रेस के रूख से इतने आहत हुए कि उन्होंने विभागीय कार्यक्रम रद्द कर पार्टी नेताओं की बैठक बुलाई और उसके बाद दोनों राज्यसभा सीटों पर उम्मीदवार उतारने का फैसला लिया।
जेएमएम के रूख से कांग्रेस की सांसे फुलने लगी और शुक्रवार शाम को कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई गई। विधायक दल की बैठक के बाद कांग्रेस ने तनातनी के बीच नरम रूख अपनाया। पहले कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने दूरी पाटने की बातें कहीं फिर उसके बाद मंत्री राधाकृष्ण किशोर कि अगर मुख्यमंत्री का दिल दुखा है तो हम क्षमाप्रार्थी है। गठबंधन और राज्यसभा सीट पर खरगे की साख बचाने में जुटी कांग्रेस ने शुक्रवार रात को राज्यसभा चुनाव के लिए छत्तीसगढ़ के पूर्व भूपेश बघेल और अजय शर्मा का पर्यवेक्षक बनाकर रांची भेजने का फैसला किया। यहीं नहीं हेमंत सोरेन को मनाने के लिए शनिवार को प्रदेश प्रभारी के राजू मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वाले है। जेएमएम के दो उम्मीदवार उतारने के एलान के बाद से ही कांग्रेस पार्टी सरेंडर के मुद्रा में चली आई है। विधायकों का गणित ऐसा है कि अगर जेएमएम दो उम्मीदवार उतारती है तो कांग्रेस पार्टी के पास जीत का रास्ता नामुमकिन जैसा हो सकता है, इसलिए अब हेमंत सोरेन को मनाने की कोशिशें तेज हो गई है।
जेएमएम ने दो, कांग्रेस और बीजेपी ने उम्मीदवार उतार दिये तो फिर गणित समझिए
स्टेप बाय स्टेप समझें
जेएमएम के पासः 34 वोट, यानी एक उम्मीदवार की जीत तय
कांग्रेस के पास:16 वोट, आरजेडी के चार और माले ने भी वोट दिये तो उसके पास 22 वोट हैं
बीजेपी अब भी दूसरे नंबर परः एनडीए के पास 24 वोट हैं
– जेएमएम के पास अपने पहले उम्मीदवार को जिताने के बाद 6 वोट बचते हैं
-जेएमएम के साथ आरजेडी के चार, माले के दो और जेएलकेएम के एक वोट आये, तो कुल 13 वोट होंगे
-अब भी जेएमएम जीत से बहुत दूर
-ऐसे में दूसरी वरीयता के वोट काफी महत्वपूर्ण हो जायेंगे
-कांग्रेस और बीजेपी के बीच टक्कर में तब ही रोमांच होगा, जब दूसरी वरीयता के वोट विधायकों ने डाल दिये
– जेएमएम ने अपने सभी विधायकों को दूसरी वरीयता पर वोट डलवा दिया, तो जेएमएम के पास उस वोट का वैल्यू 3400-2701 यानि 699 होगा
-जेएमएम 699 वैल्यू का वोट अपनी पसंद के दूसरे उम्मीदवार को ट्रांसफर करा सकता है
-2008 के चुनाव में निर्दलीय परिमल नाथवाणी दूसरी वरीयता के वोट से ही जीतकर राज्यसभा पहुंचे थे।

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