पटनाः बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार अपने पहले राजनीतिक यात्रा पर निकल चुके है। पिता की तरह उन्होंने अपनी यात्रा की शुरूआत चंपारण से की। रविवार को सात सर्कुलर रोड़ स्थित आवास पर पिता का पैर छूकर निशांत कुमार ने आशीर्वाद लिया और यात्रा के लिए रवाना हो गये।
यात्रा पर निकलने से पहले निशांत ने क्या कहा?
निशांत यात्रा पर निकलने से पहले जेडीयू ऑफिस पहुंचे थे। इस दौरान मौजूद कार्यकर्ताओं ने जमकर नारे लगाए। यात्रा की शुरुआत से पहले निशांत कुमार ने कहा, आज से मेरी यात्रा की शुरुआत हो रही है। यह मेरी पहली राजनीतिक यात्रा है। महात्मा गांधी ने भी अपनी सत्याग्रह की शुरुआत चंपारण की धरती से ही शुरू की थी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के छोटे-छोटे वर्कर से मैं संवाद करूंगा। मेरी कोशिश रहेगी कि मैं जनता और पार्टी के कार्यकर्ताओं की सेवा करूं। जो पिताजी ने किया है, उसे जन-जन तक पहुंचाऊं। जनता की समस्या का समाधान निकालने की कोशिश करूंगा। पिताजी से मैंने आशीर्वाद लिया है, उन्होंने मुझे आशीर्वाद दिया।
यात्रा को लेकर जेडीयू नेता उत्साहित
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने यात्रा को लेकर निशांत कुमार को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि निशांत की यात्रा सफल होगी। सभी चाहते हैं कि वे ज्यादा से ज्यादा सक्रिय हों। यात्रा से पहले पूर्व मंत्री अशोक चौधरी ने कहा, हम सबकी शुभकामना है।निशांत जी ये पहली यात्रा है। उनकी यात्रा से संगठन को ताकत मिलेगी. यात्रा संगठन को धारदार बनाने के लिए किया जा रहा है।विधानसभा में जदयू विधायक दल के नेता और पूर्व मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि यह यात्रा शानदार होगी। वे जमीनी स्तर की सच्चाई परखेंगे। वे पार्टी के निचले इकाई के लोगों से संवाद करेंगे। बिहार में क्या हुआ है और क्या संभावनाएं हैं, वे सरकार को महत्वपूर्ण सुझाव देंगे।पहले वे बिहार को समझना चाहते हैं, लोगों से संवाद करना चाहते हैं। उनके अंदर अच्छी सोच और समझ है। युवाओं में कन्फिडेंस बढ़ेगा। युवाओं की मांग थी कि निशांत राजनीति में आएं। उनके आने से वे काफी उत्साहित हैं।



