- Advertisement -
cmjaypalcmjaypal

सुदन गुरूंग जिसने नेपाली युवाओं के गुस्से को आंदोलन में बदला, दो मंत्रियों के इस्तीफे के बाद भी शांत नहीं हुआ गुस्सा

सुदन गुरूंग जिसने नेपाली युवाओं के गुस्से को आंदोलन में बदला, होम मिनिस्टर के इस्तीफे से भी शांत नहीं हुआ गुस्सा

डेस्कः नेपाल में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध और भ्रष्टाचार पर भड़की जनता का गुस्सा होम मिनिस्टर रमेश लेखक के इस्तीफे के बाद भी शांत नहीं हुआ, वो इसके पीछे पीएम केपी ओली का हाथ मानते है और अब पीएम की इस्तीफे की मांग कर रहे है। इस बीच ओली सरकार में स्वास्थ्य मंत्री प्रदीप पौडेल ने भी मंगलवार को इस्तीफा दे दिया है। सितंबर के उमस भी गर्मी हजारों-लाखों नेपाली युवा क्रांति के एक कॉलम प्रमुख शहरों की सड़क पर उमड़ पड़े। युवाओं के आक्रोश और नेपाल सरकार की कार्रवाई में अब तक 24 लोगों के मारे जाने की सूचना है। भारत से सटे नेपाल के इलाकों में भी इसका व्यापक असर देखा गया है। बिहार के मधुबने से सटे नेपाल के जनकपुर बाजार को बंद कर दिया गया है।

नेपाल में फेसबुक-एक्स-यूट्यूब बैन को लेकर बवाल, संसद भवन के गेट पर प्रदर्शन के बाद अब तब 20 की मौत, गृह मंत्री ने दिया इस्तीफा
नेपाल के इन युवाओं को एक मंच पर लाने के लिए हामी नेपाल नाम का एक संगठन काम कर रहा था। इस संगठन के कर्ताधर्ता हैं सुदन गुरुंग।नेपाल की जेन-जी क्रांति का चेहरा बने 36 साल के सुदन गुरुंग ने नेपाली यूथ के गुस्से को एकदम सही समय पर भांप लिया।सुदन गुरुंग ने युवाओं के गुस्से का पहचाना, इसे प्लेटफॉर्म दिया और पूरे नेपाल में इसको अलग अलग नेटवर्क के जरिये पहुंचाया। इस आंदोलन को गति और दिशा देने वाला संगठन हामी नेपाल के संस्थापक और अध्यक्ष सुदन गुरुंग ही हैं। सुदन गुरुंग अपने आप को एक गैर-लाभकारी संगठन बताता है। यूं तो इसकी अनौपचारिक शुरुआत 2015 में हुई। लेकिन इसका रजिस्ट्रेशन 2020 में हुआ।

See also  पहले चरण में वोटिंग का फ़ाइनल आंकड़ा आया, 66.65 प्रतिशत हुआ मतदान, 1.79% की हुई बढ़ोत्तरी, महिला वोटर्स ने बदल दिया पासा ?

भारी खून-खराबा, प्रदर्शन और 19 मौतों के बाद झुकी नेपाल सरकार, सोशल मीडिया से बैन हटाया
एनजीओ के सोशल मीडिया पर 36 वर्षीय गुरुंग को एक एक्टिविस्ट बताया गया है। उन्होंने आपदा राहत, सामाजिक सेवाओं और आपातकालीन सहायता के लिए संसाधन जुटाने में एक दशक से अधिक समय बिताया है। ये संगठन अंतर्राष्ट्रीय फंडिंग लेती है, दान प्राप्त करती है और भौगोलिक रूप से नाजुक रहने वाले नेपाल में भूकंप, बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित लोगों की मदद करती है।सुदन गुरुंग ने 8 सितंबर के आंदोलन के लिए जेन-जी का आह्वान करते हुए अपने इंस्टाग्राम पोस्ट पर लिखा था, “भाइयो और बहनों सितंबर 8 सिर्फ दूसरा दिन ही नहीं है। ये वो दिन है जब हम नेपाल के युवा उठेंगे और कहेंगे- ‘अब पर्याप्त हो गया’।आंदोलन के लिए जेन-जी को बुलाते हुए सुदन गुरुंग ने कहा, ये हमारा समय है, ये हमारी लड़ाई है, और ये हमसे, हम युवाओं से शुरू होता है।”सुदन गुरुंग ने भावपूर्ण और जोशीला आह्वान करते हुए अपने इंस्टा पोस्ट पर लिखा, “हम अपनी आवाज उठाएंगे, मुट्ठियां भीचेंगे, हम एकता की ताकत दिखाएंगे, उनको अपनी शक्ति दिखाएंगे जो नहीं झुकने का दंभ भरते हैं।”

See also  झारखंड में राजनीतिक सरगर्मी के बीच कांग्रेस ने बुलाई विधायक दल की बैठक, गठबंधन की मीटिंग से पहले वर्तमान राजनीतिक हालात पर होगा मंथन

insta post

यूपी परिवहन राज्यमंत्री दयाशंकर सिंह समेत 15 के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट, जानें क्या है मामला
मैसेज, मैनेज और हंगामा
सुदन गुरुंग ने 8 सितंबर के इस आंदोलन को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक आंदोलन के रूप में प्रस्तुत किया और इसे सिर्फ सोशल मीडिया पर बैन के खिलाफ पनपे गुस्से से इतर बड़ा दायरा दिया सुदन गुरुंग ने पहले इंस्टाग्राम और बाद में डिस्कॉर्ड और वीपीएन जैसे प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करके हजारों युवा प्रदर्शनकारियों, जिनमें ज्यादातर छात्र थे, को एकजुट किया।
उनकी 27 अगस्त, 2025 की पोस्ट, “अगर हम खुद को बदलें, तो देश खुद बदल जाएगा,” ने विशेषाधिकार और भ्रष्टाचार के खिलाफ सामूहिक कार्रवाई का आह्वान किया।सुदन गुरुंग ने देश के कुलीन वर्ग को निशाने पर लिया “नेपो बेबीज़” और राजनीतिक अभिजात्य वर्ग को निशाना बनाया।
एक्टिविस्ट से पहले इवेंट मैनेजमेंट
सुदन गुरुंग एक्टिविस्ट बनने से पहले इवेंट मैनेजमेंट में सक्रिय थे और उनकी जिंदगी पार्टियों के इर्द-गिर्द थी।  2015 के नेपाल भूकंप ने उनके जीवन में एक नया मोड़ लाया। इसके बाद उन्होंने मानवीय कार्यों पर ध्यान केंद्रित किया। हामी नेपाल ने उनके नेतृत्व में आपातकालीन प्रतिक्रिया,आपदा राहत और सामाजिक अभियानों जैसे बचाव कार्य, रक्तदान अभियान और छात्रों और प्रवासियों के हितों के लिए काम किया।

See also  नेपाल में अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की के घर के बाहर नारेबाजी, प्रदर्शन में मारे गए युवाओं के परिजनों ने दिया धरना
WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now